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जब राहुल गांधी ने बिहार के 7 वोटरों संग चाय पीकर सुनी उनकी व्यथा…

Declared 'dead' even though he is alive, When Rahul Gandhi had tea with 7 voters of Bihar and listened to their pain

Breaking Today, Digital Desk : लोकतंत्र में एक वोटर की सबसे बड़ी ताकत उसका मत होता है, लेकिन क्या हो जब उसे कागजों पर ‘मृत’ बताकर इस अधिकार से ही वंचित कर दिया जाए? ऐसी ही एक मार्मिक और चौंकाने वाली घटना में, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को अपने आवास पर बिहार के सात ऐसे मतदाताओं के साथ चाय पी, जिन्हें चुनाव आयोग की सूची में आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया गया है।

यह असाधारण मुलाकात बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे बड़े विवाद का प्रतीक बन गई है। ये सातों लोग, जिनमें रामइकबाल राय, हरेंद्र राय, लालमुनि देवी, बचिया देवी, लालवती देवी, पूनम कुमारी और मुन्ना कुमार शामिल हैं, पूरी तरह से जीवित और स्वस्थ हैं। वे सभी राजद नेता तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर के निवासी हैं। उन्होंने राहुल गांधी को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि कैसे उन्हें मतदाता सूची से अपना नाम कटने और ‘मृत’ घोषित होने की जानकारी मिली।

इस बातचीत का एक वीडियो साझा करते हुए, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा, “जीवन में कई दिलचस्प अनुभव हुए हैं, लेकिन ‘मृत लोगों’ के साथ चाय पीने का मौका कभी नहीं मिला था। इस अनोखे अनुभव के लिए चुनाव आयोग का शुक्रिया!”

यह घटना सिर्फ इन सात लोगों तक सीमित नहीं है। कांग्रेस का आरोप है कि बिहार में लगभग 65 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिनमें से 22 लाख को मृत बताया गया है। इस मुद्दे को “वोट चोरी” करार देते हुए विपक्षी दल इसे सुप्रीम कोर्ट तक ले गए हैं। इन मतदाताओं ने अपने मताधिकार की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

राहुल गांधी ने इन नागरिकों को आश्वासन दिया कि वह और उनका गठबंधन इस “अन्याय” के खिलाफ लड़ेंगे और वोट की चोरी नहीं होने देंगे। यह प्रकरण बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची की शुचिता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर 17 अगस्त से बिहार में ‘वोट अधिकार यात्रा’ भी शुरू करने जा रही है।

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