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अपने लिए सपने नहीं देखता गरीब, बस बच्चों का भविष्य संवर जाए, ऑटो चालक की कहानी ने दिलों को छू लिया…

A poor person does not dream for himself, he just wants a better future for his children, The story of an auto driver from Gujarat touched hearts

Breaking Today, Digital Desk : गुजरात की सड़कों पर देर रात अपनी रोजी-रोटी के लिए मेहनत कर रहे एक ऑटो चालक की कहानी ने इंटरनेट पर लोगों को भावुक कर दिया है. रेडिट पर एक यात्री द्वारा साझा किया गया यह अनुभव उन अनगिनत संघर्षों की एक झलक देता है, जो अक्सर हमारी नज़रों से ओझल रह जाते हैं.

एक रेडिट यूजर ने अपनी पोस्ट में बताया कि कैसे देर रात काम से घर लौटते समय उन्होंने एक ऑटो बुक किया. ऑटो चालक 50 वर्ष की आयु के आसपास के थे और उनकी आँखों में दिन भर की थकान साफ झलक रही थी. जब यात्री ने उनसे इतनी देर तक काम करने का कारण पूछा, तो चालक ने एक फीकी मुस्कान के साथ अपनी आपबीती सुनाई.

चालक ने बताया कि उनकी दो बेटियाँ हैं, एक की कोचिंग की फीस भरनी है तो दूसरी के स्कूल का खर्चा है. वे हर दिन 14 से 16 घंटे ऑटो चलाते हैं ताकि उनकी बेटियों की पढ़ाई में कोई रुकावट न आए. उन्होंने कहा, “गरीब आदमी अपने लिए सपने नहीं देखता, सिर्फ अपने बच्चों के लिए देखता है. मेरे लिए तो बस इतना है कि मुझे कल भी चलाने की ताकत मिले.” यह सुनकर यात्री अवाक रह गया.

यात्री ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, “मैं अपनी कॉर्पोरेट नौकरी को लेकर शिकायत कर रहा था, जबकि यह व्यक्ति अपनी बेटियों को एक बेहतर जीवन देने के लिए दिन में 14-16 घंटे मेहनत कर रहा था.” मंज़िल पर पहुँचकर जब यात्री ने अतिरिक्त पैसे देने की पेशकश की, तो चालक ने पहले मना कर दिया, लेकिन फिर हाथ जोड़कर स्वीकार कर लिया और यात्री को दुआ देते हुए कहा, “आपको भी खुदा ताकत दे.”

यह पोस्ट रेडिट पर हजारों उपयोगकर्ताओं के दिलों को छू गई. कई लोगों ने ड्राइवर के अपनी बेटियों के प्रति समर्पण और त्याग की प्रशंसा की. इस कहानी ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि हमारे समाज का एक बड़ा वर्ग अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए चुपचाप अथक परिश्रम करता है.

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