
Breaking Today, Digital Desk : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूल के तीन छात्रों के अपहरण की सनसनीखेज वारदात सामने आई है. हैरानी की बात यह है कि अपहरणकर्ता कोई और नहीं, बल्कि उसी स्कूल का एक पूर्व छात्र निकला, जिसने आर्थिक तंगी के चलते इस पूरी साजिश को अंजाम दिया. आरोपी ने बच्चों को डराने के लिए खिलौना पिस्तौल का इस्तेमाल किया और उन्हें अपनी कैद में रखने के दौरान पिज्जा और परांठे भी खिलाए.
एक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी सुमित सूद (45) ने शनिवार को स्कूल के बाहर से कक्षा 6 के तीन छात्रों को अपनी कार में लिफ्ट देने के बहाने अगवा कर लिया. सूद भी इसी स्कूल का पूर्व छात्र रह चुका है, इसलिए बच्चों ने आसानी से उस पर भरोसा कर लिया. वह बच्चों को बहला-फुसलाकर ऊपरी शिमला के एक सुनसान इलाके में ले गया, जहां उसने उन्हें एक इमारत की चौथी मंजिल पर बने एक कमरे में बंद कर दिया.
पुलिस के मुताबिक, सुमित सूद कर्ज में डूबा हुआ था और उसे पैसों की सख्त जरूरत थी. उसने बच्चों के अमीर परिवारों से मोटी फिरौती वसूलने की योजना बनाई थी. उसने बच्चों के माता-पिता को एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से धमकी भरे फोन भी किए और फिरौती की रकम बिटकॉइन में मांगी, ताकि उसे आसानी से ट्रैक न किया जा सके. उसने यह भी दावा किया कि इस अपहरण के पीछे एक नाइजीरियाई गिरोह का हाथ है, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके.
हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और आधुनिक तकनीक की मदद से आरोपी का खेल ज्यादा देर तक नहीं चल सका. सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध कार के दिखने के बाद पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी. एक स्थानीय युवक ने कार को पहचान लिया, जिससे पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में अहम सुराग मिला. पुलिस ने रविवार को बच्चों को सुरक्षित बचा लिया और आरोपी सुमित सूद को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के पास से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर, मांस काटने वाला चाकू, रस्सी और टेप भी बरामद हुए हैं.
पूछताछ में पता चला है कि आरोपी ने इस अपहरण की साजिश 8-10 दिन पहले ही रच ली थी. उसने स्कूल के नियमों और बच्चों के आने-जाने के समय की पूरी जानकारी हासिल कर रखी थी. फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की गहनता से जांच कर रही है. बचाए गए तीनों बच्चे सुरक्षित हैं और उन्हें उनके परिवारों को सौंप दिया गया है




