Sliderराजनीति

असम में बीजेपी के अवैध प्रवासी वीडियो पर विवाद, ओवैसी ने बताया घिनौना…

BJP's video of illegal migrants sparks controversy in Assam, Owaisi calls it disgusting

Breaking Today, Digital Desk : असम में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक हालिया वीडियो को लेकर सियासी बवाल मच गया है। इस वीडियो में कथित तौर पर अवैध प्रवासियों को दर्शाया गया है, और इसकी सामग्री को लेकर कई नेताओं और संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस वीडियो को “घिनौना” करार दिया है, जिससे यह मुद्दा और गरमा गया है।

वीडियो में क्या है, और क्यों हो रहा है विरोध?

बीजेपी द्वारा जारी किए गए इस वीडियो में कुछ ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं, जिन्हें आलोचक अवैध प्रवासियों से जोड़ रहे हैं। इन दृश्यों को लेकर यह आरोप लग रहा है कि यह एक समुदाय विशेष को निशाना बना रहा है और समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि यह वीडियो सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने वाला है और असम जैसे संवेदनशील राज्य में शांति भंग कर सकता है।

असदुद्दीन ओवैसी का बयान

AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने अपने बयान में कहा, “यह बीजेपी का घिनौना चेहरा दिखाता है। वे लोगों को बांटने और एक समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।” ओवैसी ने यह भी कहा कि इस तरह के वीडियो चुनाव से पहले ध्रुवीकरण की राजनीति का हिस्सा हैं।

बीजेपी का पक्ष

हालांकि, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वीडियो का उद्देश्य अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करना है, जो असम के लिए एक गंभीर चुनौती है। पार्टी का कहना है कि यह किसी समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि राज्य की सुरक्षा और पहचान को बनाए रखने के लिए है।

असम की संवेदनशीलता

असम लंबे समय से अवैध घुसपैठ के मुद्दे से जूझ रहा है, और यह राज्य की राजनीति में एक प्रमुख मुद्दा रहा है। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) जैसे मुद्दों पर भी यहां काफी विरोध प्रदर्शन देखे गए हैं। ऐसे में, इस तरह के वीडियो से राज्य में तनाव बढ़ने की आशंका बनी रहती है।

आगे क्या?

इस वीडियो को लेकर राजनीतिक घमासान जारी है। देखना होगा कि चुनाव आयोग और अन्य संबंधित प्राधिकरण इस मामले पर क्या संज्ञान लेते हैं। फिलहाल, यह मुद्दा असम की राजनीति में एक नया मोड़ ले चुका है और आने वाले दिनों में इस पर और बहस छिड़ने की संभावना है।

Related Articles

Back to top button