
Breaking Today, Digital Desk : राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग करते हुए कहा है कि चैटजीपीटी (ChatGPT) और जेमिनी (Gemini) जैसे उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपकरणों को सभी भारतीय नागरिकों के लिए मुफ़्त किया जाना चाहिए। उन्होंने इस कदम को डिजिटल लोकतंत्र की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग बताया, जिससे देश की उत्पादकता कई गुना बढ़ सकती है और लोगों का कीमती समय बच सकता है।
संसद में अपनी बात रखते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद ने कहा कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में AI केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का एक अवसर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर भारत सरकार सभी आयु और वर्ग के लोगों को स्थानीय भाषाओं में उन्नत AI उपकरण मुफ़्त और सुरक्षित तरीके से उपलब्ध कराती है, तो यह देश के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।
चड्ढा ने तर्क दिया कि AI किसानों के लिए “स्मार्ट खेती” का जरिया बन सकता है, छात्रों के लिए 24/7 ट्यूटर के रूप में काम कर सकता है, और उद्यमियों के लिए एक व्यापार योजनाकार साबित हो सकता है। उनके अनुसार, AI के पास हर सवाल का जवाब और हर समस्या का समाधान है, जिससे यह स्वास्थ्य सेवा से लेकर व्यवसाय तक हर क्षेत्र में क्रांति ला सकता है।
उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर और चीन जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वे पहले से ही अपने नागरिकों को उन्नत AI मॉडल तक मुफ्त पहुँच प्रदान कर रहे हैं। चड्ढा ने चेतावनी दी कि अगर भारत ने इस दिशा में तेजी से कदम नहीं उठाए, तो वह 2030 तक 15 ट्रिलियन डॉलर की वैश्विक AI दौड़ में पीछे छूट सकता है। उनका मानना है कि इन महंगे उपकरणों तक पहुँच की कमी के कारण 140 करोड़ भारतीय इस अवसर से वंचित हैं।
राघव चड्ढा ने अपनी मांग को “सच्चे ‘डिजिटल इंडिया'” की ओर एक कदम बताते हुए कहा कि इस AI क्रांति में एक भी भारतीय पीछे नहीं छूटना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस मामले पर ध्यान देने का आग्रह किया है ताकि तकनीक का लाभ हर घर तक पहुँच सके और देश सही मायनों में डिजिटल रूप से सशक्त बन सके।




