
Breaking Today, Digital Desk : भारतीय वायु सेना (IAF) प्रमुख के एक बयान ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को पूरी तरह से खोखला साबित कर दिया है, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने का श्रेय लिया था। खुफिया सूत्रों के अनुसार, वायु सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि संघर्ष विराम का निर्णय भारत का अपना था और यह किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का परिणाम नहीं था।
यह पूरा मामला ट्रंप के उस बयान के बाद सामने आया जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच एक बड़े टकराव को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि, भारतीय खुफिया सूत्रों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। सूत्रों ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी पक्ष ने अपने ऑपरेशनल रिजर्व के तेजी से खत्म होने और अपने हवाई संसाधनों को गंभीर खतरा महसूस होने के बाद बैक-चैनल संचार के माध्यम से युद्धविराम की मांग की थी।
वायु सेना प्रमुख के बयान ने भी इसी तथ्य की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अपने विशिष्ट सैन्य उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद युद्धविराम का फैसला एकतरफा लिया गया था। भारत का यह रुख हमेशा सुसंगत रहा है, जैसा कि पहले भी देखा गया है, जब 2019 में ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश की थी और भारत ने इसे स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया था। भारत का मानना है कि पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दों को द्विपक्षीय रूप से हल किया जाना चाहिए और इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।
यह घटनाक्रम एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के मामलों पर स्वतंत्र रूप से निर्णय लेता है।




