कॉमेडी के गिरते स्तर पर छलका जॉनी लीवर का दर्द…
Johnny Lever's pain over falling standards of comedy, advice to new generation to avoid blind imitation of Hollywood

Breaking Today, Digital Desk : भारतीय सिनेमा के दिग्गज हास्य अभिनेता जॉनी लीवर ने आज की कॉमेडी में बढ़ती अश्लीलता और फूहड़ता पर गहरी चिंता व्यक्त की है. अपने चार दशक से भी लंबे करियर में 300 से अधिक फिल्मों में बिना किसी दोहरे अर्थ वाले संवादों के दर्शकों को हंसाने वाले जॉनी लीवर का मानना है कि आज के कई कॉमेडियन मौलिकता खो रहे हैं और हॉलीवुड की अंधी नकल कर रहे हैं.
एक हालिया साक्षात्कार में, अभिनेत्री कुनिका सदानंद के साथ बातचीत के दौरान, जॉनी लीवर ने इस बात पर जोर दिया कि कॉमेडी का असली सार साफ-सुथरे और पारिवारिक मनोरंजन में निहित है.उन्होंने कहा, “हॉलीवुड फिल्मों के प्रभाव के कारण आजकल लोग खुलेआम गाली-गलौज कर रहे हैं. पश्चिमी संस्कृति में अभद्र भाषा और भद्दे चुटकुले आम हो सकते हैं, लेकिन अब हमारे अभिनेता और कॉमेडियन भी उसी शैली को अपना रहे हैं.”उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि कई नए कलाकारों की हिंदी पर अच्छी पकड़ नहीं है, जिसके कारण वे पश्चिमी सामग्री पर अधिक निर्भर रहते हैं.
जॉनी लीवर ने आज के स्टैंड-अप कॉमेडियन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनकी अधिकांश सामग्री दोहरे अर्थों से भरी होती है.उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “अगर वे वास्तव में प्रतिभाशाली हैं, तो मैं उन्हें चुनौती देता हूं – कुछ ऐसा साफ-सुथरा कहें और फिर भी लोगों को हंसाएं. असली परीक्षा यही है.” उन्होंने स्पष्ट किया कि वह नए कलाकारों को बुरा नहीं कह रहे हैं, क्योंकि लोग उनके काम का आनंद ले रहे हैं, लेकिन एक पारिवारिक दर्शक वर्ग होने के नाते उनकी भी कुछ जिम्मेदारी बनती है
वरिष्ठ अभिनेता ने इस बात पर जोर दिया कि उनके समय में कलाकारों को इस तरह की कॉमेडी से दूर रहने के लिए प्रशिक्षित किया जाता था. उन्होंने कहा, “अगर हम दोहरे अर्थ वाली बातें करने लगें, तो इन नए लोगों की हमारे सामने खड़े होने की भी हैसियत नहीं होगी. लेकिन हमने जानबूझकर वह रास्ता कभी नहीं चुना.”
जॉनी लीवर ने अपनी बेटी, जेमी लीवर की भी प्रशंसा की, जो एक कॉमेडियन हैं और अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए साफ-सुथरी कॉमेडी करती हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या वह हाल की किसी कॉमेडी फिल्म में नजर आए हैं, जिसमें फूहड़ चुटकुले थे, इस पर उन्होंने सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनका रुख साफ था कि वह हमेशा पारिवारिक मनोरंजन के पक्षधर रहेंगे.
जॉनी लीवर के इस बयान ने मनोरंजन जगत में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें भारतीय कॉमेडी की मौलिकता और पश्चिमी प्रभाव पर मंथन किया जा रहा है.






