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ल्यूकेमिया डर नहीं, जानकारी ज़रूरी है, लाइफस्टाइल और बीमारी के राज़…

Leukemia is not to be feared, information is important, Lifestyle and the secrets of the disease...

Breaking Today, Digital Desk : यह सच नहीं है. ल्यूकेमिया किसी भी उम्र में हो सकता है, बच्चों से लेकर बड़ों तक. हालांकि, कुछ प्रकार के ल्यूकेमिया बच्चों में ज़्यादा आम होते हैं, जैसे एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (ALL). वहीं, कुछ प्रकार बड़ों में ज़्यादा देखे जाते हैं, जैसे क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया (CLL).

ल्यूकेमिया संक्रामक है, यह छूने से फैलता है.

फैक्ट: बिल्कुल नहीं! ल्यूकेमिया कोई संक्रामक बीमारी नहीं है. यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में छूने, खाने या सांस लेने से नहीं फैलता. ल्यूकेमिया कैंसर का एक प्रकार है जो शरीर के ब्लड सेल्स में शुरू होता है.

ल्यूकेमिया का कोई इलाज नहीं है.

फैक्ट: यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है. आजकल ल्यूकेमिया के इलाज के लिए कई एडवांस ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं, जैसे कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, स्टेम सेल ट्रांसप्लांट और टारगेटेड थेरेपी. सही समय पर इलाज शुरू करने से कई लोग पूरी तरह ठीक हो जाते हैं या बीमारी को लंबे समय तक कंट्रोल कर पाते हैं.

unhealthy लाइफस्टाइल ल्यूकेमिया का मुख्य कारण है.

फैक्ट: unhealthy लाइफस्टाइल से कुछ अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, लेकिन ल्यूकेमिया का मुख्य कारण unhealthy लाइफस्टाइल नहीं है. ल्यूकेमिया के ज्यादातर मामलों में कोई स्पष्ट कारण नहीं होता. हालांकि, कुछ रिसर्च बताती हैं कि कुछ केमिकल, रेडिएशन या जेनेटिक कारक ल्यूकेमिया के खतरे को बढ़ा सकते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि healthy लाइफस्टाइल अपनाने वालों को ल्यूकेमिया नहीं हो सकता और unhealthy लाइफस्टाइल वालों को ज़रूर होगा.

 ल्यूकेमिया के सारे लक्षण एक जैसे होते हैं.

फैक्ट: ल्यूकेमिया के लक्षण उसके प्रकार और व्यक्ति की उम्र पर निर्भर करते हैं. कुछ सामान्य लक्षण थकान, बार-बार इन्फेक्शन होना, आसानी से चोट लगना या ब्लीडिंग होना, बुखार और वज़न घटना हो सकते हैं. लेकिन ये लक्षण अन्य बीमारियों के भी हो सकते हैं, इसलिए किसी भी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें और डॉक्टर से सलाह लें.

यह ज़रूरी है कि हम ल्यूकेमिया के बारे में सही जानकारी रखें और किसी भी तरह की गलतफहमी से बचें. अगर आपको या आपके किसी जानने वाले को ल्यूकेमिया से जुड़ी कोई चिंता है, तो डॉक्टर से बात करना सबसे अच्छा है.


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