Sliderराजनीति

महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल, जब उद्धव पहुंचे राज ठाकरे के कृष्णकुंज…

Earthquake in Maharashtra politics, When Uddhav reached Raj Thackeray's Krishna Kunj

Breaking Today, Digital Desk : गणेश चतुर्थी का पावन अवसर था और इस बार एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने सभी को चौंका दिया। महाराष्ट्र की राजनीति के दो बड़े चेहरे, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे, गणेश उत्सव के बहाने एक साथ एक छत के नीचे आए।

करीब दो दशकों के बाद, उद्धव ठाकरे गणेश चतुर्थी के मौके पर अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के घर ‘कृष्णकुंज’ पहुँचे। यह मुलाकात सिर्फ एक पारिवारिक मिलन नहीं थी, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।

इस अवसर पर, उद्धव ठाकरे अपनी पत्नी रश्मि ठाकरे और छोटे बेटे तेजस ठाकरे के साथ राज ठाकरे के घर पहुँचे। राज ठाकरे ने भी पूरे परिवार के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों भाइयों ने एक-दूसरे को गले लगाया और गणेश जी का आशीर्वाद लिया।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र की राजनीति में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। शिवसेना में विभाजन के बाद, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच दूरियाँ और बढ़ गई थीं। ऐसे में यह मिलन कई अटकलों को जन्म दे रहा है।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह मुलाकात भविष्य में महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकती है। क्या यह सिर्फ एक पारिवारिक मिलन था या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक रणनीति छिपी है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

मगर एक बात तो तय है, इस गणेश चतुर्थी ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई चर्चा छेड़ दी है।

2005 में राज ठाकरे के शिवसेना से अलग होकर मनसे बनाने के बाद से ठाकरे परिवार में दूरियाँ बढ़ गई थीं। हालाँकि, हाल के महीनों में उन्हें कई बार साथ देखा गया है, जिससे उनके राजनीतिक पुनर्मिलन की अटकलें तेज हो गई हैं।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए त्रिभाषा फार्मूले और राज्य में “हिंदी थोपने” संबंधी विवादास्पद सरकारी आदेश को वापस लेने के बाद, दोनों ने 5 जुलाई को अपनी “जीत” का जश्न मनाने के लिए एक मंच साझा किया था।

Related Articles

Back to top button