
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में एक दिलचस्प घटनाक्रम में, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मचाडो से बात की। इस बातचीत के दौरान, ट्रम्प अपने चिर-परिचित मज़ाकिया अंदाज़ में नज़र आए।
उन्होंने मज़ाक करते हुए कहा, “उन्होंने (नोबेल समिति) मुझसे इसे (पुरस्कार) देने के लिए नहीं कहा?” ट्रम्प की यह टिप्पणी वहां मौजूद सभी लोगों के लिए एक हल्की-फुल्की हंसी का पल बन गई। यह कोई पहली बार नहीं है जब ट्रम्प ने इस तरह की हाज़िरजवाबी दिखाई हो। अपनी राजनीतिक यात्रा के दौरान, वह अक्सर अपने बयानों और चुटकुलों से सुर्खियों में बने रहते हैं।
मचाडो, जिन्हें उनके महत्वपूर्ण कार्यों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, ने इस बातचीत पर क्या प्रतिक्रिया दी, इसकी ज़्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, ट्रम्प का यह बयान एक बार फिर सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर चर्चा का विषय बन गया है। यह दिखाता है कि ट्रम्प आज भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने की कला में माहिर हैं, चाहे वे किसी भी मंच पर हों।
इस तरह की हल्की-फुल्की बातें अक्सर गंभीर राजनीतिक माहौल में एक नया रंग भर देती हैं, और ट्रम्प इसमें हमेशा आगे रहे हैं।




