Sliderराजनीति

प्रयागराज बच्चों को ‘राजनीतिक ककहरा’ सिखाने पर सपा नेता के खिलाफ मामला दर्ज…

Prayagraj Case filed against SP leader for teaching 'political ABCs' to children

Breaking Today, Digital Desk : प्रयागराज के एक गांव में बच्चों को पारंपरिक वर्णमाला की जगह एक अनोखी ‘राजनीतिक वर्णमाला’ सिखाने का मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा और राजनीति के बीच की रेखा पर एक नई बहस छेड़ दी है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में, समाजवादी पार्टी (सपा) से जुड़े एक स्थानीय नेता वजीर सिंह यादव बच्चों को ‘अ’ से अखिलेश और ‘ड’ से डिंपल जैसे पाठ पढ़ाते नजर आ रहे हैं.

यह घटना प्रयागराज के एक निजी स्कूल में हुई बताई जा रही है, जहाँ यादव बच्चों को एक ऐसी वर्णमाला सिखा रहे थे जो पूरी तरह से समाजवादी पार्टी के नेताओं और प्रतीकों पर आधारित थी. वीडियो में बच्चों को ‘क’ से अखिलेश, ‘ख’ से अखिलेश और ‘ग’ से अखिलेश… ‘घ’ड़ी का निशान और ‘च’ से चाचा शिवपाल जैसे शब्द दोहराते हुए सुना जा सकता है. जब उनसे पूछा गया कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं, तो यादव ने कहा कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों के कारण बच्चे उन्हें भगवान मानते हैं.

इस वीडियो के वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे “युवा दिमाग में जहर घोलने” की कोशिश करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी बच्चों का इस्तेमाल अपनी राजनीति के लिए कर रही है, जो कि बेहद शर्मनाक है.

वहीं, समाजवादी पार्टी ने इस घटना से खुद को अलग कर लिया है. सपा के जिला अध्यक्ष योगेश चंद्र यादव ने कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति पार्टी का कोई पदाधिकारी नहीं है और पार्टी का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यह पार्टी को बदनाम करने की साजिश हो सकती है.

प्रयागराज के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रवीण कुमार तिवारी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और इसकी जांच की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूल नहीं है, बल्कि एक निजी स्थान पर कक्षाएं चलाई जा रही थीं. पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी वजीर सिंह यादव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.

यह घटना इस बात पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है कि बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा की सामग्री क्या होनी चाहिए और क्या राजनीतिक विचारधाराओं को इतनी कम उम्र में बच्चों पर थोपना उचित है.

Related Articles

Back to top button