करवा चौथ 2025, व्रत के नियम, कौन रख सकता है, सरगी और व्रत खोलने का तरीका…
Karwa Chauth 2025, Fasting rules, who can keep it, Sargi and how to break the fast...

Breaking Today, Digital Desk : करवा चौथ भारत में विवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत सूर्योदय से शुरू होकर चंद्रमा के दर्शन के बाद ही तोड़ा जाता है।
करवा चौथ कौन रख सकता है?
यह व्रत मुख्य रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति के लिए रखती हैं। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में अविवाहित लड़कियां भी अच्छे वर की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं। विधवा महिलाएं या जिनका तलाक हो चुका है, वे आमतौर पर यह व्रत नहीं रखती हैं।
सरगी क्या है?
सरगी वह भोजन है जिसे व्रत रखने वाली महिलाएं सूर्योदय से पहले खाती हैं। यह सास द्वारा अपनी बहू को दिया जाता है। सरगी में फल, मिठाई, सूखे मेवे और कुछ हल्का भोजन शामिल होता है जो उन्हें पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है। यह एक परंपरा है जो सास-बहू के रिश्ते को मजबूत करती है।
व्रत खोलने का तरीका
करवा चौथ का व्रत चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद ही खोला जाता है। महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं, उनकी पूजा करती हैं और फिर पति के हाथों पानी पीकर अपना व्रत तोड़ती हैं। इसके बाद वे भोजन करती हैं।
करवा चौथ व्रत के नियम
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निर्जला व्रत: महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक पानी की एक बूंद भी नहीं पीती हैं।
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पूजा: शाम के समय भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय और चंद्रमा की पूजा की जाती है।
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कथा: व्रत के दौरान करवा चौथ की कथा सुनना शुभ माना जाता है।
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श्रृंगार: महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार करती हैं और सुंदर कपड़े पहनती हैं।
यह त्योहार पति-पत्नी के प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।






