
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में केरल के मलप्पुरम से एक दिल छू लेने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक 8 साल की बच्ची की जान बचाने के लिए कुछ युवाओं ने जो फुर्ती और समझदारी दिखाई, वह वाकई काबिले-तारीफ है। अक्सर हम छोटी-मोटी चीज़ों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन कभी-कभी वही जानलेवा बन जाती हैं। इस बच्ची के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।
दरअसल, यह बच्ची सड़क किनारे अपनी माँ के साथ खड़ी थी। खेलते-खेलते उसने च्विंग गम निगल लिया, और वह उसके गले में अटक गया। देखते ही देखते बच्ची की साँसें रुकने लगीं और वह तड़पने लगी। माँ की आँखों में आँसू थे, वह समझ नहीं पा रही थी कि क्या करे। यह दृश्य देखकर आसपास खड़े लोग भी घबरा गए।
तभी वहाँ कुछ युवा पास में ही खड़े थे। उन्होंने देखा कि बच्ची कितनी परेशानी में है। बिना एक पल गँवाए, उनमें से एक लड़के ने फौरन बच्ची को उठाया और ‘हेमलिच मैनुवर’ (एक प्राथमिक उपचार विधि) का इस्तेमाल किया। उसने बच्ची की पीठ पर सही जगह पर दबाव डाला और कुछ ही पलों में च्विंग गम बाहर आ गया। बच्ची ने राहत की साँस ली और उसकी जान बच गई।
यह घटना कैमरे में कैद हो गई और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग इन युवाओं की खूब तारीफ कर रहे हैं। सोचिए, अगर ये लड़के समय पर न पहुँचते तो क्या होता! यह घटना हमें सिखाती है कि आपात स्थिति में हमें घबराना नहीं चाहिए, बल्कि तुरंत मदद करनी चाहिए और प्राथमिक उपचार की जानकारी होना कितना ज़रूरी है।
ऐसे मुश्किल हालात में दूसरों की जान बचाने वाले ये युवा आज के असली हीरो हैं। इनकी सूझबूझ और हिम्मत को हमारा सलाम!






