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क्या IPS पूरन कुमार की मौत सिर्फ एक हादसा थी, मायावती ने खोली व्यवस्था की पोल…

Was the death of IPS Puran Kumar just an accident? Mayawati exposed the system...

Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार के निधन की खबर सामने आई, जिसने सबको चौंका दिया। लेकिन अब इस मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने इस दुखद घटना पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि शासन-प्रशासन में जातिवाद का दंश आज भी उतना ही हावी है, जितना पहले था, और यही वजह है कि दलित अधिकारियों को अपने करियर में तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

मायावती ने अपने बयान में साफ तौर पर कहा कि वाई पूरन कुमार जैसे मेहनती और ईमानदार अधिकारी का यूँ अचानक चले जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे उनकी अपनी सरकार में दलित अधिकारियों को पूरा मान-सम्मान और काम करने की आजादी मिलती थी। मायावती ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज दलित अधिकारियों को वो माहौल नहीं मिल रहा है जिसकी वे उम्मीद करते हैं, और उन्हें अक्सर उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है।

यह कोई पहली बार नहीं है जब मायावती ने इस तरह के मुद्दे पर अपनी बात रखी हो। वह हमेशा से दलितों और वंचितों के अधिकारों की प्रबल समर्थक रही हैं। उनका यह बयान एक बार फिर से इस बात पर बहस छेड़ गया है कि क्या वाकई आज भी सरकारी तंत्र में जाति के आधार पर भेदभाव होता है? क्या दलित अधिकारियों को अपनी योग्यता साबित करने के लिए दूसरों से ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है?

IPS वाई पूरन कुमार के निधन पर हर कोई दुखी है। ऐसे में मायावती का यह बयान कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है। यह देखना होगा कि सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या इस मामले में कोई आगे की जांच होती है।

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