बिहार चुनाव NDA से जुड़ाव या अकेले राह? ओम प्रकाश राजभर ने खोले अपने पत्ते…
Bihar elections Join hands with NDA or go it alone? Om Prakash Rajbhar reveals his cards

Breaking Today, Digital Desk : उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने साफ़ किया है कि उनकी पहली प्राथमिकता राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ मिलकर चुनाव लड़ना है, लेकिन अगर सीटों के बंटवारे पर बात नहीं बनती है तो उनकी पार्टी दूसरे विकल्पों के लिए भी पूरी तरह तैयार है।
बलिया में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजभर ने कहा, “हमारी पहली पसंद एनडीए के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ना है। लगभग 70 प्रतिशत बातचीत हो चुकी है, जबकि 30 प्रतिशत पर चर्चा अभी बाकी है।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर बिहार के कुछ नेताओं के दबाव के कारण समझौता नहीं हो पाता है, तो उनकी पार्टी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है।[1]
राजभर ने इंडिया गठबंधन में शामिल होने की किसी भी संभावना से इनकार किया है। उन्होंने कहा, “कई पार्टियां इंडिया गठबंधन के बाहर काम कर रही हैं, और उनमें से कुछ के साथ बातचीत चल रही है। अगर भाजपा के साथ बात नहीं बनती है, तो हम एक अलग मोर्चा बनाकर चुनाव लड़ेंगे। सुभासपा प्रमुख ने यह भी बताया कि उनकी पार्टी बिहार की 156 सीटों पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।
यह पूछे जाने पर कि वे एनडीए से कितनी सीटों की मांग कर रहे हैं, राजभर ने कहा कि वह एक सम्मानजनक सीट हिस्सेदारी चाहते हैं।कुछ रिपोर्टों के अनुसार, उनकी पार्टी ने 29 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश की है। उनका लक्ष्य बिहार में राजभर, राजवंशी और अन्य अति पिछड़े वर्गों के बीच अपने जनाधार को मजबूत करना है।
इसके साथ ही, राजभर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विदेश जाकर भारत की विश्वसनीयता और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं, लेकिन जब उनकी पार्टी चुनाव जीतती है तो वे चुप रहते हैं।[1] राजभर का दावा है कि राहुल गांधी ने बिहार में अपनी हार का अनुमान पहले ही लगा लिया है, इसीलिए वे ऐसे बयान दे रहे हैं।






