
Breaking Today, Digital Desk : हिंदी सिनेमा के सदाबहार अभिनेता देव आनंद न केवल अपनी अदाकारी के लिए बल्कि संगीत की अपनी गहरी समझ के लिए भी जाने जाते थे। यही वजह है कि उनकी फिल्मों के गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं। ऐसा ही एक सदाबहार गीत है 1967 में आई फिल्म ‘ज्वेल थीफ’ का ‘रात अकेली है’। इस गाने को अपनी आवाज देने वालीं सुर साम्राज्ञी आशा भोसले ने एक पुराने इंटरव्यू में खुलासा किया था कि कैसे देव आनंद की एक छोटी सी सलाह ने इस गाने में जवानी की वह शोखी और अंदाज़ भर दिया था, जिसके लिए यह आज भी याद किया जाता है।
आशा भोसले ने बताया था कि जब वह इस गाने की रिकॉर्डिंग के लिए पहुंचीं तो देव आनंद ने उन्हें एक खास सलाह दी। देव साहब ने उनसे कहा, “सोचो कि तुम 18 साल की एक युवा लड़की हो।” इस एक सलाह ने आशा भोसले के गाने के अंदाज को पूरी तरह से बदल दिया और उन्होंने अपनी आवाज में उस अल्हड़पन और शरारत को घोल दिया जिसकी इस गीत की सिचुएशन को जरूरत थी।
‘रात अकेली है, बुझ गए दीये’ गीत उस समय के सबसे सनसनीखेज गीतों में से एक माना जाता था। इसे संगीतकार सचिन देव बर्मन ने कंपोज किया था और इसके बोल मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे। पर्दे पर इस गाने को देव आनंद और अभिनेत्री तनुजा पर फिल्माया गया था, जिन्होंने अपने चुलबुले अंदाज से इसमें जान डाल दी थी। यह गाना आशा भोसले के करियर के सबसे यादगार गीतों में से एक माना जाता है, जिसमें उनकी गायकी का एक अलग ही अंदाज देखने को मिलता है।
आशा भोसले ने यह भी साझा किया कि देव आनंद अक्सर नई हीरोइनों को लॉन्च करते थे, जैसे जीनत अमान और टीना मुनीम। वह मजाक में देव साहब से पूछती थीं, ‘मेरी बारी कब आएगी?’। यह किस्सा देव आनंद और आशा भोसले के बीच के खूबसूरत रिश्ते और सिनेमा के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाता है।






