
Breaking Today, Digital Desk : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अब चुनाव आयोग में सिर्फ सुधार से काम नहीं चलेगा, बल्कि इसमें एक बुनियादी और संपूर्ण बदलाव की सख्त जरूरत है.
लखनऊ में जारी एक बयान में, यादव ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी आज चुनाव आयोग के कंधों पर है. उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि आयोग पर कई तरह के अवांछित दबाव हो सकते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि वे अकेले हैं. यादव ने कहा, “जब चुनाव आयोग सही रास्ते पर चलेगा, तो करोड़ों हिंदुस्तानियों का समर्थन उनकी ढाल बन जाएगा.”
सपा प्रमुख ने यह भी खुलासा किया कि उनकी पार्टी ने ‘वोट की डकैती’ से जुड़े 18,000 हलफनामे चुनाव आयोग को सौंपे थे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस दावे को पुख्ता करने के लिए, उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पावती की रसीद भी साझा की, ताकि यह साबित हो सके कि आयोग को ये दस्तावेज़ मिले थे. उन्होंने कहा कि एक सही और साहसिक कदम उठाकर चुनाव आयोग देश की अनगिनत पीढ़ियों के भविष्य और कल्याण को सुनिश्चित कर सकता है.
यादव के यह कड़े बयान विपक्षी दलों द्वारा चुनावी धांधली और मतदाता सूचियों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक विरोध का हिस्सा हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी ‘वोट अधिकार यात्रा’ के माध्यम से इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं. वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है और विपक्ष पर ही चुनावी सुधारों में बाधा डालने का आरोप लगाया है.






