राजस्व में बड़ा उछाल, योगी सरकार की बैठक में GSDP और टैक्स कलेक्शन में बढ़त के आंकड़े पेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति, राजस्व संग्रह और आधारभूत ढांचे की प्रगति की समीक्षा की गई। इस समीक्षा में राज्य के दो प्रमुख राजस्व स्रोतों — जीएसटी (GST) और आबकारी कर (Excise Duty) — में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2024–25 में राज्य सरकार द्वारा एकत्र सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की राशि 1.49 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही। यह पिछले वर्ष की तुलना में 6.6% की बढ़ोतरी को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने इस बढ़ोत्तरी को “राजस्व सुदृढ़ीकरण का प्रमाण” बताते हुए कहा कि यह राज्य की सामाजिक और विकास योजनाओं को मजबूत आधार देगा। बैठक में यह भी बताया गया कि आबकारी कर से प्राप्त राजस्व अब 52,574 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15% की वृद्धि को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने इसे “राजस्व लोकयंत्र का प्रमाणिक विस्तार” बताया।मुख्यमंत्री ने बैठक में सड़क परिवहन क्षेत्र को “भविष्य का संभावनाशील क्षेत्र” बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य की सड़कों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के माध्यम से अपग्रेड किया जाए, ताकि एक ओर नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिले और दूसरी ओर सरकार को नवीन राजस्व स्रोत भी प्राप्त हों। सीएम योगी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रस्तुत किए जाने वाले आंकड़ों को सटीक और अद्यतन रखें।






