
Breaking Today, Digital Desk : गुजरात और पंजाब में हुए महत्वपूर्ण उपचुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) ने शानदार जीत दर्ज की है। इस दोहरी सफलता से उत्साहित पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों का “सेमीफाइनल” करार दिया है। उन्होंने कहा कि इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि पंजाब की जनता ‘आप’ सरकार के काम से खुश है, वहीं गुजरात अब बदलाव चाहता है।
लुधियाना पश्चिम और विसावदर, दोनों सीटों पर ‘आप’ की जीत को पार्टी के लिए एक बड़े प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है। केजरीवाल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “मैं सबसे पहले दोनों राज्यों की जनता को धन्यवाद देना चाहता हूँ जिन्होंने हम पर अपना विश्वास दिखाया।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब में जीत का अंतर 2022 के विधानसभा चुनाव से भी दोगुना रहा है, जो यह दिखाता है कि तीन साल सरकार चलाने के बाद भी कोई सत्ता-विरोधी लहर नहीं, बल्कि सत्ता-समर्थक माहौल है।
केजरीवाल ने गुजरात की जीत को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया, जहाँ पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 30 साल के शासन को चुनौती दी है। उन्होंने कहा, “गुजरात के लोग बीजेपी के कुशासन से तंग आ चुके हैं और अब बदलाव के लिए आवाज उठा रहे हैं।”‘आप’ संयोजक ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर ‘आप’ को हराने की कोशिश की, लेकिन जनता ने इन दोनों दलों को ही नकार दिया
पार्टी ने अपनी जीत का श्रेय साफ-सुथरी छवि वाले उम्मीदवारों, गोपाल इटालिया (गुजरात) और संजीव अरोड़ा (पंजाब) को दिया, जिन्हें उन्होंने जमीनी स्तर पर काम करने वाले समाज सेवक बताया। अरविंद केजरीवाल ने खुद इन दोनों क्षेत्रों में जमकर प्रचार किया था और स्थानीय मुद्दों पर भाजपा को घेरने की रणनीति अपनाई थी।
इस जीत को 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए एक मजबूत संकेत मानते हुए केजरीवाल ने कहा, “अगर यह 2027 का सेमीफाइनल है, तो 2022 की आंधी 2027 में तूफान बनने वाली है।” यह जीत ‘आप’ के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की महत्वाकांक्षाओं को और बल देने वाली साबित हो सकती है।






