
Breaking Today, Digital Desk : हमारे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण बात कही है। उन्होंने साफ-साफ बताया कि भारत के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती कोई और नहीं, बल्कि चीन के साथ लगी हमारी सीमा का विवाद है। यह कोई छोटी बात नहीं है, बल्कि एक ऐसा मुद्दा है जिस पर हमें गंभीरता से ध्यान देने की ज़रूरत है।
जनरल चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले कुछ सालों में, हमने देखा है कि चीन लगातार हमारी सीमा पर कुछ न कुछ ऐसी हरकतें कर रहा है, जिससे तनाव बढ़ता है। उन्होंने खासतौर पर 2020 में हुए गलवान घाटी के संघर्ष का जिक्र किया, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच रिश्तों में एक अलग तरह का खिंचाव आ गया है। उनका कहना है कि चीन एक ऐसी रणनीति पर काम कर रहा है, जिसमें वह अपनी ताकत का इस्तेमाल करके हमें पीछे धकेलना चाहता है।
उन्होंने यह भी बताया कि चीन सिर्फ हमारी ज़मीन पर ही नहीं, बल्कि हिंद महासागर में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है, जो हमारे लिए चिंता की बात है। लेकिन, अच्छी खबर यह है कि भारत भी चुप नहीं बैठा है। हमारी सेना लगातार अपनी तैयारी पुख्ता कर रही है और हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जनरल चौहान ने कहा कि हम अपनी सीमा पर लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढाँचा) को मजबूत कर रहे हैं, ताकि हमारी सेना आसानी से पहुँच सके और अपनी स्थिति को और बेहतर बना सके।
इस बयान से यह साफ हो जाता है कि हमारी सरकार और सेना, चीन से लगी सीमा के मुद्दे को कितनी गंभीरता से ले रही है। यह सिर्फ ज़मीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता का सवाल है। हमें उम्मीद करनी चाहिए कि इस चुनौती का सामना हम सब मिलकर मजबूती से करेंगे।




