Sliderखेलकूद

सियासी पिच पर भारत-पाक मुकाबला, एशिया कप से पहले क्यों गरमाया माहौल…

India-Pakistan match on political pitch, why the atmosphere got heated before Asia Cup...

Breaking Today, Digital Desk : एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है। दोनों देशों के बीच क्रिकेट मैच को लेकर गरमाई सियासत ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस बार मामला सिर्फ जुबानी जंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कुछ जगहों पर खिलाड़ियों के पुतले जलाने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।

दरअसल, यह पूरा विवाद एशिया कप के वेन्यू को लेकर शुरू हुआ था। पहले यह तय हुआ था कि एशिया कप पाकिस्तान में खेला जाएगा। लेकिन, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पाकिस्तान जाकर खेलने से मना कर दिया, जिसके बाद एक ‘हाइब्रिड मॉडल’ का प्रस्ताव रखा गया। इस मॉडल के तहत पाकिस्तान अपने मैच अपनी जमीन पर खेलेगा, जबकि भारत के सभी मैच किसी न्यूट्रल वेन्यू पर होंगे। इसी बात को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और भारतीय खेमे के बीच काफी समय से खींचतान चल रही थी।

अब जबकि एशिया कप का शेड्यूल लगभग फाइनल हो चुका है और भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबले की तारीखें भी सामने आ गई हैं, ऐसे में कुछ राजनीतिक संगठन इस मैच के आयोजन पर सवाल उठा रहे हैं। उनका तर्क है कि जब तक दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य नहीं हो जाते, तब तक क्रिकेट जैसे खेल आयोजनों से बचना चाहिए। इन संगठनों का कहना है कि सीमा पर लगातार तनाव और आतंकी गतिविधियों के चलते पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के खेल संबंध नहीं रखने चाहिए।

यही वजह है कि कुछ शहरों में इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान खिलाड़ियों के पुतले भी जलाए गए। ये प्रदर्शनकारी सरकार और क्रिकेट बोर्ड से यह मांग कर रहे हैं कि वे इस मैच को रद्द करें। उनका मानना है कि ऐसे समय में जब हमारे जवान सीमा पर शहादत दे रहे हैं, तब पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना ठीक नहीं है।

दूसरी ओर, क्रिकेट प्रेमी और खिलाड़ी इस राजनीतिक गहमागहमी से काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि खेल को राजनीति से दूर रखना चाहिए। भारत-पाकिस्तान मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं होता, बल्कि यह करोड़ों फैंस की भावनाओं से जुड़ा होता है। खिलाड़ियों का प्रदर्शन और फैंस का उत्साह ही सबसे महत्वपूर्ण होता है। वे चाहते हैं कि यह मैच बिना किसी बाधा के हो, ताकि उन्हें एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सके।

यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनीतिक गर्मी एशिया कप के आयोजन पर क्या असर डालती है। क्या दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड इस दबाव के बावजूद मैच को सफल बना पाएंगे, या फिर सियासी दखल के कारण खेल प्रेमियों को निराशा हाथ लगेगी?

Related Articles

Back to top button