
Breaking Today, Digital Desk : पाकिस्तान और चीन ने मिलकर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के ‘सुसाइड विंग’ मजीद ब्रिगेड को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की है. यह कदम बलूचिस्तान में चीनी नागरिकों पर लगातार हो रहे हमलों के बाद उठाया गया है, जिससे चीन काफी चिंतित है.
चीन लंबे समय से बलूचिस्तान में कई परियोजनाओं में लगा हुआ है, खासकर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के तहत. इन परियोजनाओं में काम कर रहे चीनी नागरिकों पर BLA के हमले बढ़ते जा रहे हैं, जो चीन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए हैं.
पिछले साल कराची विश्वविद्यालय में हुए आत्मघाती हमले में तीन चीनी शिक्षक मारे गए थे, जिसके बाद से चीन ने पाकिस्तान पर BLA के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दबाव बढ़ा दिया है. चीन का मानना है कि BLA, खासकर उसका मजीद ब्रिगेड, इन हमलों के पीछे है और इसे एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन घोषित किया जाना चाहिए.
पाकिस्तान भी इस मांग का समर्थन कर रहा है, क्योंकि BLA लंबे समय से पाकिस्तान में भी सक्रिय रहा है और वहां भी कई हिंसक घटनाओं को अंजाम दे चुका है. दोनों देशों को उम्मीद है कि UNSC में BLA को आतंकवादी संगठन घोषित करने से उन्हें इस समूह के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी और बलूचिस्तान में स्थिरता आ सकेगी.
यह देखना दिलचस्प होगा कि UNSC इस मांग पर क्या फैसला लेता है और इसका बलूचिस्तान के मौजूदा हालात पर क्या असर पड़ता है.




