प्रयागराज में बाढ़ का बढ़ता खतरा और लखनऊ में सियासी पारा गर्म…
Dimple Yadav The growing threat of floods in Prayagraj and the political temperature rising in Lucknow

एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश में संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की सियासत में एक अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिला। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव के खिलाफ एक मौलाना द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उनके समर्थन में उतर आई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
प्रयागराज में नदियां उफान पर, प्रशासन अलर्ट
प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले 24 घंटों में यमुना नदी के जलस्तर में नैनी में 114 सेंटीमीटर और गंगा के जलस्तर में फाफामऊ में 71 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यमुना की सहायक नदियों केन, बेतवा और चंबल में बढ़े जलस्तर को इसका कारण बताया जा रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। संगम क्षेत्र में जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है और जिले में 88 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। हालांकि अभी नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने इस साल दूसरी बार बाढ़ के खतरे को बढ़ा दिया है।
जब डिंपल के सम्मान में बीजेपी ने किया प्रदर्शन
यह राजनीति की एक अनूठी तस्वीर है जहां वैचारिक मतभेदों को दरकिनार कर बीजेपी, सपा सांसद डिंपल यादव के समर्थन में खड़ी नजर आई। मामला ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी द्वारा डिंपल यादव पर की गई एक विवादित टिप्पणी से जुड़ा है। इस टिप्पणी के विरोध में एनडीए के सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। उनके हाथों में “नारी सम्मान पर भारी, तुष्टिकरण की राजनीति तुम्हारी” जैसी तख्तियां थीं।
उत्तर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबीरानी मौर्य ने कहा कि सपा और हमारी विचारधारा में भले ही फर्क हो, लेकिन महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीजेपी ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए डिंपल यादव ने बीजेपी को धन्यवाद तो दिया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर यही समर्थन मणिपुर के मुद्दे पर दिखाया जाता तो इसके मायने और भी बढ़ जाते। इस अप्रत्याशित समर्थन और उस पर डिंपल की सधी हुई प्रतिक्रिया ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।






