
Breaking Today, Digital Desk : यह कहानी सुनकर दिल दहल जाता है, और सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर हम किस समाज में जी रहे हैं। उत्तर प्रदेश की एक 15 साल की बच्ची, जो अपने घर में होने वाली मारपीट और जुल्म से तंग आकर जयपुर भाग आई थी, उसे यहां भी दरिंदगी का सामना करना पड़ा। शायद उसने सोचा होगा कि नया शहर उसे नई जिंदगी देगा, पर यहां उसे कुछ ऐसे दरिंदे मिले जिन्होंने उसकी उम्मीदों को तोड़ दिया।
सोचिए, एक बच्ची जिस उम्र में स्कूल जाती है, खेलती-कूदती है, उसे अपने घर से भागना पड़ा। घर का माहौल इतना खराब था कि उसे लगा कहीं और जाकर शायद सुकून मिलेगा। पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जयपुर में उस अकेली और डरी हुई बच्ची को कुछ लोगों ने अपनी हवस का शिकार बनाया। यह सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि कैसे कुछ लोग इतनी कम उम्र की बच्ची की मजबूरी का फायदा उठा सकते हैं।
इस वहशियाना करतूत का नतीजा और भी दर्दनाक रहा। उस बच्ची ने एक मृत बच्चे को जन्म दिया। जिस उम्र में उसे खुद सहारे की जरूरत थी, उसे मां बनने का भयानक दर्द सहना पड़ा, और वो भी एक ऐसी स्थिति में जहां उसे सिर्फ और सिर्फ तकलीफ मिली।
यह सिर्फ एक खबर नहीं है, यह हमारे समाज पर एक बदनुमा दाग है। यह हमें सोचने पर मजबूर करता है कि क्या वाकई हमारी बेटियां कहीं सुरक्षित हैं? घर के अंदर भी नहीं और बाहर भी नहीं? इस घटना के दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि ऐसी हैवानियत करने से पहले हर कोई कांप उठे। हमें यह भी देखना होगा कि ऐसी कौन सी परिस्थितियां हैं जो बच्चों को घर छोड़ने पर मजबूर करती हैं, और उन्हें सुरक्षा देने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। इस बच्ची के लिए न्याय, और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना, हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।






