
Breaking Today, Digital Desk : संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संबोधन से ठीक पहले, न्यूयॉर्क शहर में एक खास तरह की हलचल देखी गई। इजराइल ने यहां एक ऐसा अभियान शुरू किया है, जिसका मकसद हमास द्वारा किए गए अत्याचारों और 7 अक्टूबर के हमलों की क्रूर सच्चाई को दुनिया के सामने लाना है।
यह सिर्फ एक राजनीतिक अभियान नहीं है, बल्कि एक भावनात्मक अपील है। इजराइल चाहता है कि दुनिया हमास के असली चेहरे को पहचाने, खासकर उन भयावह घटनाओं को, जो 7 अक्टूबर को घटी थीं। इस अभियान के तहत न्यूयॉर्क की प्रमुख जगहों पर, सार्वजनिक परिवहन में और डिजिटल माध्यमों से ऐसी कहानियां और सबूत साझा किए जा रहे हैं, जो हमास की बर्बरता को दर्शाते हैं। इसमें उन मासूम पीड़ितों की तस्वीरें, उनके परिवारजनों के बयान और हमले से जुड़े विस्तृत घटनाक्रम शामिल हैं।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर उन देशों और संगठनों को संवेदनशील बनाना है, जो अक्सर इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष को एकतरफा नजरिए से देखते हैं। इजराइल यह सुनिश्चित करना चाहता है कि नेतन्याहू के UNGA में बोलने से पहले ही, हमास के अपराधों को लेकर एक स्पष्ट समझ बन जाए। यह कोशिश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 7 अक्टूबर के बाद से वैश्विक मंच पर हमास के कार्यों को लेकर काफी बहस छिड़ी हुई है।
इस अभियान के पीछे की सोच यह है कि जब लोग सीधे तौर पर उन पीड़ितों की कहानियों और तस्वीरों से रूबरू होंगे, तो वे इस मुद्दे की गंभीरता को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। इजराइल को उम्मीद है कि न्यूयॉर्क में यह जनसंपर्क प्रयास, UNGA में उसकी बात को और अधिक वजन देगा और हमास के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने में मदद करेगा। यह एक मानवीय त्रासदी को उजागर करने का प्रयास है, जिसे इजराइल अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बात रखने का आधार बना रहा है।




