याहू सिर्फ एक नारा नहीं, भारत में इंटरनेट क्रांति की शुरुआत थी, और इसके हीरो थे शम्मी कपूर…
Yahoo was not just a slogan, it was the beginning of the internet revolution in India, and its hero was Shammi Kapoor

Breaking Today, Digital Desk : आज हम जिस डिजिटल दुनिया में जी रहे हैं, उसकी कल्पना कुछ दशक पहले तक किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसी लगती थी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब भारत में इंटरनेट का नामोनिशान भी नहीं था, तब बॉलीवुड का एक चमकता सितारा साइबरस्पेस की दुनिया में कदम रख चुका था? ये कोई और नहीं बल्कि अपने दौर के ‘एल्विस प्रेस्ली’ कहे जाने वाले शम्मी कपूर थे.
शम्मी कपूर सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता और डांसर ही नहीं थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी और तकनीक के प्रति गहरे जुनूनी इंसान भी थे. जब ज्यादातर लोगों के लिए कंप्यूटर एक अजूबा था, तब 1980 के दशक के अंत में उनके पास एप्पल मैकिंटोश कंप्यूटर हुआ करता था. उन्होंने खुद मैनुअल पढ़कर उसे चलाना सीखा था. यह उस दौर की बात है जब कंप्यूटर का इस्तेमाल सिर्फ बड़ी कंपनियों और दफ्तरों तक ही सीमित था.
उनकी यह दीवानगी सिर्फ कंप्यूटर तक ही सीमित नहीं रही. भारत में VSNL द्वारा 15 अगस्त, 1995 को इंटरनेट का सार्वजनिक रूप से शुभारंभ किया गया था. लेकिन शम्मी कपूर इससे पहले ही इंटरनेट की दुनिया से जुड़ चुके थे. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्हें ब्रिटिश टेलीकॉम के जरिए एक लाइन मिली थी, जिससे वे 1994 में ही इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे थे.
उन्होंने इंटरनेट का इस्तेमाल सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं किया. उन्होंने इसकी क्षमता को पहचाना और भारत में इसके प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वे “इंटरनेट यूजर्स कम्युनिटी ऑफ इंडिया” (IUCI) के संस्थापक और अध्यक्ष थे. इस संस्था का मकसद देशभर के शुरुआती इंटरनेट यूजर्स को एक साथ लाना और इंटरनेट के बारे में जागरूकता फैलाना था. यही नहीं, उन्होंने एथिकल हैकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के गठन में भी योगदान दिया.
शम्मी कपूर ने 90 के दशक में कपूर खानदान की एक वेबसाइट ‘junglee.org.in’ भी बनाई थी, जो आज भी मौजूद है. इस वेबसाइट पर कपूर परिवार की पूरी वंशावली और तस्वीरें मौजूद हैं, जो उस समय के हिसाब से एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी. उनके दामाद केतन देसाई ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब अनिल अंबानी उनके घर आए तो शम्मी कपूर को कंप्यूटर में इतना मग्न देखकर हैरान रह गए थे.
शम्मी कपूर को भारत का इंटरनेट गुरु” और “साइबरमैन” भी कहा जाता है. वो सिर्फ फिल्मों के ही नहीं, बल्कि तकनीक को अपनाने और उसे आम लोगों तक पहुंचाने में भी एक सच्चे हीरो थे. जब लोग सोच भी नहीं सकते थे, तब उन्होंने भविष्य की इस क्रांति को न सिर्फ देखा बल्कि उसका हिस्सा भी बने.






