
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में हुए एक मैच में सूर्यकुमार यादव के एक फैसले ने क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। UAE के खिलाफ खेलते हुए, उन्होंने एक स्टंपिंग की अपील वापस ले ली थी, जिसने सभी को हैरान कर दिया था। आइए जानते हैं क्या था पूरा मामला और क्यों सूर्या ने ऐसा किया।
ये घटना तब हुई जब UAE की टीम बल्लेबाजी कर रही थी। जुनैद सिद्दीकी क्रीज पर थे और भारतीय गेंदबाजों के सामने संघर्ष कर रहे थे। एक गेंद पर जुनैद बीट हुए और विकेटकीपर ने फुर्ती से उन्हें स्टंप कर दिया। भारतीय टीम ने तुरंत अपील की और थर्ड अंपायर की ओर इशारा किया गया। सभी को लग रहा था कि यह एक साफ स्टंपिंग है और जुनैद को आउट दे दिया जाएगा।
लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद किसी ने नहीं की थी। कप्तान सूर्यकुमार यादव, जो उस समय टीम की कप्तानी कर रहे थे, ने अपने खिलाड़ियों और अंपायरों से बात की। थोड़ी बातचीत के बाद, उन्होंने अचानक अपील वापस लेने का फैसला किया। मैदान पर मौजूद खिलाड़ी और दर्शक, सभी एक पल के लिए समझ नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है।
बाद में पता चला कि सूर्यकुमार यादव ने ऐसा खेल भावना को ध्यान में रखते हुए किया था। दरअसल, जब विकेटकीपर ने स्टंप किया, तब जुनैद सिद्दीकी क्रीज से बहुत ज्यादा बाहर नहीं थे और कुछ एंगल से यह लग रहा था कि शायद उनका पैर लाइन पर ही था। हालांकि थर्ड अंपायर इसे बारीकी से देखते, लेकिन सूर्या ने शायद यह महसूस किया कि यह एक करीबी कॉल था और वह नहीं चाहते थे कि एक खिलाड़ी बेवजह आउट हो जाए, खासकर तब जब मैच का नतीजा लगभग तय हो चुका था।
यह फैसला दिखाता है कि सूर्यकुमार यादव सिर्फ एक बेहतरीन बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि एक शानदार कप्तान और एक सच्चे खेल प्रेमी भी हैं। उन्होंने जीत-हार से ऊपर खेल भावना को चुना, जो क्रिकेट जैसे खेल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उनके इस फैसले की सोशल मीडिया पर भी खूब तारीफ हुई और प्रशंसकों ने उन्हें ‘जेंटलमैन’ कहा।
ऐसे पल ही क्रिकेट को ‘जेंटलमैन गेम’ बनाते हैं और सूर्यकुमार यादव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट में खेल भावना आज भी जिंदा है।






