
Breaking Today, Digital Desk : आपने अक्सर राजनीति में ‘पाकिस्तान’ शब्द को सुना होगा, खासकर चुनावों के दौरान। इन दिनों, कांग्रेस पार्टी और खासकर राहुल गांधी पर ‘पाकिस्तान प्रेम’ का आरोप लग रहा है, और ये आरोप कोई और नहीं, बल्कि बीजेपी लगा रही है। क्या है पूरा मामला? चलिए जानते हैं।
बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस नेताओं के बयानों से ऐसा लगता है कि वे पाकिस्तान के प्रति कुछ ज्यादा ही सॉफ्ट कॉर्नर रखते हैं। हाल ही में सैम पित्रोदा के एक बयान को लेकर खूब बवाल हुआ। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी चाहिए, और उसके पास “परमाणु बम हैं।” इसी बात पर बीजेपी ने कांग्रेस को घेर लिया। उनका कहना है कि एक तरफ भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारा, सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक कीं (जैसे खैबर पख्तूनख्वा और तीराह घाटी में), और दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता पाकिस्तान के बचाव में बोल रहे हैं।
बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला है। उनका कहना है कि राहुल गांधी की पार्टी पाकिस्तान से प्यार करती है और उसके हमलों को भूल जाती है। वे याद दिला रहे हैं कि कैसे पुलवामा और उरी जैसे हमलों के बाद भारत ने कड़ी जवाबी कार्रवाई की थी।
अब सवाल ये उठता है कि क्या ये सिर्फ चुनावी बयानबाजी है, या इसमें कुछ सच्चाई भी है? कांग्रेस का क्या कहना है? उनका तर्क है कि वे देश की सुरक्षा को लेकर किसी से कम नहीं हैं, और पाकिस्तान से बात करने का मतलब ये नहीं कि उसके गलत कामों को माफ कर दिया जाए। उनका कहना है कि बीजेपी सिर्फ वोट बैंक के लिए ऐसे आरोप लगा रही है।
ये सब कुछ ऐसे समय में हो रहा है जब देश में चुनाव का माहौल गर्म है। बीजेपी चाहती है कि ‘राष्ट्रवाद’ का मुद्दा जोर-शोर से उठे, और कांग्रेस को कमजोर दिखाया जा सके। वहीं कांग्रेस इन आरोपों से अपना पल्ला झाड़ रही है। अब देखना ये होगा कि जनता इन सब बातों को कैसे लेती है।






