Sliderराजनीति

वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने विदेश विभाग अध्यक्ष पद छोड़ा, युवाओं को आगे लाने की कही बात…

Senior leader Anand Sharma left the post of Foreign Department President, talked about bringing the youth forward

Breaking Today, Digital Desk : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने विदेश विभाग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. लगभग एक दशक तक इस पद पर रहने के बाद, शर्मा ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना त्यागपत्र सौंपते हुए कहा कि यह बदलाव विभाग के पुनर्गठन और युवा नेताओं को अवसर प्रदान करने के लिए आवश्यक है.

आनंद शर्मा, जो कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य बने रहेंगे, लगभग चार दशकों से पार्टी की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों का एक प्रमुख चेहरा रहे हैं. उन्होंने अपने त्यागपत्र में पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मेरा मानना है कि समिति का पुनर्गठन किया जाना चाहिए ताकि इसमें प्रतिभाशाली और होनहार युवा नेताओं को शामिल किया जा सके, जिससे इसके कामकाज में निरंतरता सुनिश्चित होगी.”

शर्मा का यह कदम कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही मंथन प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि विदेश मामलों के विभाग ने दशकों से दुनिया भर में समान विचारधारा वाले राजनीतिक दलों के साथ कांग्रेस के संबंधों को बनाने और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उनके नेतृत्व में, विभाग ने लोकतंत्र, समानता और मानवाधिकारों के साझा मूल्यों को मानने वाले दलों के साथ कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रतिनिधिमंडल आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किए.

आनंद शर्मा उन “जी-23” नेताओं के समूह में भी शामिल रहे हैं, जिन्होंने 2020 में पार्टी में व्यापक संगठनात्मक सुधारों की वकालत करते हुए सोनिया गांधी को पत्र लिखा था. हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण पूरी तरह से युवा पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने की अपनी इच्छा बताया है. शर्मा का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पार्टी आगामी चुनावों के लिए नई रणनीतियां और जिम्मेदारियां तय कर रही है. उनके इस फैसले को पार्टी के भीतर एक पीढ़ीगत बदलाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है.

Related Articles

Back to top button