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सीपी राधाकृष्णन जमीनी नेता से उपराष्ट्रपति पद तक का सफर…

CP Radhakrishnan's journey from a grassroots leader to the post of Vice President

Breaking Today, Digital Desk : राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने तमिलनाडु के एक अनुभवी और जमीनी नेता, सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है यह घोषणा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यरत, राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर बेहद लंबा और प्रभावशाली रहा है.

“तमिलनाडु के मोदी” के नाम से भी जाने जाने वाले, सीपी राधाकृष्णन ने अपनी राजनीतिक यात्रा बहुत ही कम उम्र में शुरू कर दी थी. महज 16 साल की उम्र में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए और बाद में जनसंघ का हिस्सा बने उनका जन्म 20 अक्टूबर, 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ था.

राधाकृष्णन को कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद के रूप में चुना गया उन्होंने 2004 से 2007 तक तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया राजनीति के अलावा, उन्होंने विभिन्न राज्यपाल पदों पर भी अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें झारखंड और महाराष्ट्र के राज्यपाल का पद शामिल है उन्हें तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था.

सीपी राधाकृष्णन की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में है जो अपनी सादगी और ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं उन्होंने थूथुकुडी के वी. ओ. चिदंबरम कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है. वे अपने छात्र जीवन में एक बेहतरीन खिलाड़ी भी थे और कॉलेज स्तर पर टेबल टेनिस के चैंपियन रह चुके हैं

एनडीए के इस फैसले को दक्षिण भारत में भाजपा की पैठ को और मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होने की संभावना है, और एनडीए के पास निर्वाचक मंडल में बहुमत होने के कारण उनकी जीत निश्चित मानी जा रही है

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