
Breaking Today, Digital Desk : पिछले कुछ समय से क्रिकेट गलियारों में एक दिलचस्प बहस छिड़ी हुई है। बात हो रही है युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा की, जो टी20 क्रिकेट में अपनी धमाकेदार एंट्री के बाद से लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। हाल ही में एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको चौंका दिया है – कुछ क्रिकेट पंडितों का मानना है कि एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में भारत को तिलक वर्मा को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना चाहिए।
अब आप सोचेंगे, ऐसा क्यों? तिलक तो अभी विश्व के नंबर 2 टी20 बल्लेबाज हैं, उन्होंने वेस्टइंडीज दौरे पर क्या खूब प्रदर्शन किया था! उनकी बल्लेबाजी में वो आत्मविश्वास और निडरता दिखती है जो किसी भी टीम को चाहिए होती है। तो फिर ऐसी मांग क्यों उठ रही है कि उन्हें बाहर बैठाया जाए?
दरअसल, तर्क ये दिया जा रहा है कि तिलक वर्मा मुख्य रूप से टी20 फॉर्मेट के खिलाड़ी हैं। उनका वनडे अनुभव अभी बहुत कम है। एशिया कप, जो कि वनडे फॉर्मेट में खेला जा रहा है, वर्ल्ड कप से ठीक पहले एक महत्वपूर्ण तैयारी का मंच है। ऐसे में टीम इंडिया उन खिलाड़ियों को आजमाना चाहेगी जिनका वनडे रिकॉर्ड मजबूत हो और जो इस फॉर्मेट में खुद को साबित कर चुके हों।
कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि वनडे क्रिकेट की अपनी अलग मांग होती है – पारी को बनाना, स्ट्राइक रोटेट करना और जरूरत पड़ने पर बड़े शॉट्स खेलना। तिलक ने बेशक टी20 में कमाल किया है, लेकिन वनडे की धीमी पिच पर और लंबी पारी खेलने के लिए उन्हें अभी और समय और अनुभव की जरूरत है। उनकी जगह पर ऐसे बल्लेबाज को मौका देने की बात की जा रही है जो मिडिल ऑर्डर में स्थिरता ला सके और बड़े स्कोर बनाने में माहिर हो।
हालांकि, ये एक पेचीदा फैसला है। तिलक वर्मा में टैलेंट की कोई कमी नहीं है और उनका आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। ऐसे में उन्हें बाहर बैठाना शायद उनके मनोबल को भी प्रभावित कर सकता है। दूसरी तरफ, टीम मैनेजमेंट वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहेगा।
यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम मैनेजमेंट इस पर क्या फैसला लेता है। क्या वे युवा प्रतिभा पर भरोसा जताएंगे और तिलक को एशिया कप में मौका देंगे, या फिर अनुभव और स्थापित वनडे खिलाड़ियों को तरजीह देंगे? यह सवाल अभी भी बरकरार है और इसका जवाब हमें जल्द ही मिल जाएगा।






