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रूस को शांति के लिए मजबूर करने की अमेरिकी रणनीति, भारत पर टैरिफ़ एक हथियार…

US strategy to force Russia to make peace, tariff on India a weapon

Breaking Today, Digital Desk : अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन के साथ युद्ध को लेकर रूस पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत भारत पर भारी टैरिफ लगाए हैं. वेंस के अनुसार, यह कदम एक “आक्रामक आर्थिक लाभ” उठाने की कोशिश थी ताकि रूस को वार्ता की मेज पर आने के लिए मजबूर किया जा सके.

यह बयान NBC न्यूज़ के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम के दौरान आया, जहाँ वेंस ने स्पष्ट किया कि भारत पर लगाए गए सेकेंडरी टैरिफ का उद्देश्य रूस की तेल अर्थव्यवस्था से होने वाले मुनाफे को कम करना था. उन्होंने कहा, “ट्रंप ने आक्रामक आर्थिक लाभ उठाने की कोशिश की है, उदाहरण के लिए, भारत पर सेकेंडरी टैरिफ, ताकि रूसियों के लिए अपनी तेल अर्थव्यवस्था से अमीर बनना कठिन हो सके.”

ट्रंप प्रशासन भारत द्वारा रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदने की लगातार आलोचना करता रहा है. इसी क्रम में, हाल ही में भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया, जिसमें भारत के ऊर्जा व्यापार के लिए “दंड” के रूप में 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है. वाशिंगटन का दावा है कि भारत द्वारा रूसी तेल का आयात मॉस्को के युद्ध प्रयासों को वित्तीय रूप से समर्थन दे रहा है, हालांकि भारत ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है.

भारत ने अपने ऊर्जा आयात को राष्ट्रीय हित और बाजार की वास्तविकताओं पर आधारित बताते हुए अमेरिका के इस कदम को अनुचित बताया है. विश्लेषकों का मानना है कि इन टैरिफ से अमेरिका और भारत के संबंधों में तनाव पैदा हुआ है. जहाँ एक ओर ट्रंप प्रशासन इसे यूक्रेन में शांति स्थापित करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा बता रहा है, वहीं यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या तीसरे देश पर इस तरह का दबाव बनाना एक कारगर तरीका है.

वेंस ने हालांकि उम्मीद जताई है कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता को संभव बना सकता है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि रूस हत्याएं बंद कर देता है तो उसे फिर से वैश्विक अर्थव्यवस्था में शामिल होने का मौका दिया जा सकता है, अन्यथा वह अलग-थलग बना रहेगा.

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