
Breaking Today, Digital Desk : पश्चिम बंगाल में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अब एक ऐसी रणनीति अपनाई है, जिसकी प्रेरणा मध्य प्रदेश के पिछले चुनावों से मिली है. खबर है कि अमित शाह ने फैसला किया है कि चुनाव होने तक वह हर महीने 8 से 10 दिन बंगाल में ही रहेंगे. इस दौरान वह लगातार संगठन के लोगों से मिलेंगे, कार्यकर्ताओं से बात करेंगे और चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे.
दरअसल, मध्य प्रदेश में जब बीजेपी की सरकार मुश्किल में थी, तब अमित शाह ने इसी तरह लगातार वहां डेरा डाले रखा था. उन्होंने खुद जमीनी स्तर पर काम संभाला, छोटी-छोटी बैठकों में हिस्सा लिया और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया. इसका नतीजा यह हुआ कि बीजेपी ने वहां वापसी कर ली. अब यही तरीका शाह बंगाल में भी दोहराना चाहते हैं, जहां बीजेपी काफी समय से अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है.
इस रणनीति के पीछे मकसद साफ है – जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करना, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बिठाना और जनता के साथ सीधा जुड़ाव बनाना. अमित शाह अपनी मौजूदगी से न सिर्फ पार्टी में जोश भरेंगे, बल्कि चुनावी अभियानों को भी नई धार देंगे. उनकी लगातार मौजूदगी से विरोधी दलों पर भी दबाव पड़ेगा और बीजेपी को एक मजबूत दावेदार के रूप में देखा जाएगा.
देखना होगा कि मध्य प्रदेश वाली यह रणनीति बंगाल में कितनी सफल होती है, जहां की राजनीतिक लड़ाई हमेशा से काफी दिलचस्प रही है.






