
Breaking Today, Digital Desk : क्रिकेट विश्व कप 2023 में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए मुकाबले में एक दिलचस्प पल आया, जब दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज़ ने भारतीय बल्लेबाज़ को उकसाने की कोशिश की, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया और उन्हें ही इसकी सज़ा भुगतनी पड़ी। इस घटना ने मैच में थोड़ा और मसाला डाल दिया।
क्या हुआ था मैदान पर?
दरअसल, मैच के दौरान जब भारतीय टीम बल्लेबाज़ी कर रही थी, तब दक्षिण अफ्रीका के तेज़ गेंदबाज़ मार्को जानसन (Marco Jansen) ने भारतीय बल्लेबाज़ शुभमन गिल (Shubman Gill) को कुछ कहा, जिससे माहौल थोड़ा गरमा गया। जानसन ने गिल के पास आकर कुछ ऐसी बातें कहीं जो शायद उन्हें पसंद नहीं आईं। आमतौर पर क्रिकेट में ऐसी नोंक-झोंक चलती रहती है, लेकिन कभी-कभी इसकी कीमत भी चुकानी पड़ती है।
इस घटना के बाद, मैदानी अंपायरों और मैच रेफरी ने इस मामले को गंभीरता से लिया। मार्को जानसन को आईसीसी आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया। उन्हें मैच फीस का 15% जुर्माना लगाया गया, जो ऐसी हरकतों के लिए एक आम सज़ा है। इसके अलावा, उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया। अगर किसी खिलाड़ी के चार डिमेरिट पॉइंट हो जाते हैं, तो उसे एक या दो मैचों के लिए निलंबित किया जा सकता है।
क्रिकेट में स्लेजिंग और उसकी सीमाएं
क्रिकेट में अक्सर देखा जाता है कि खिलाड़ी एक-दूसरे पर दबाव बनाने के लिए “स्लेजिंग” करते हैं। इसका मतलब है मौखिक रूप से प्रतिद्वंद्वी को उकसाना या उसका ध्यान भटकाना। कभी-कभी यह खेल का हिस्सा लगता है, लेकिन इसकी एक सीमा होती है। जब यह सीमा पार हो जाती है, तो इसे खेल भावना के खिलाफ माना जाता है और इसके लिए सज़ा भी मिलती है।
जानसन की इस हरकत को भी इसी श्रेणी में रखा गया। हो सकता है कि वह शुभमन गिल का ध्यान भटकाना चाहते थे या उन्हें ग़ुस्सा दिलाना चाहते थे, लेकिन इसका नतीजा उनके लिए अच्छा नहीं रहा।
मैच पर असर
हालांकि इस घटना का मैच के नतीजे पर सीधा असर नहीं पड़ा, क्योंकि भारतीय टीम ने वह मैच शानदार तरीके से जीता। लेकिन इसने क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा ज़रूर छेड़ दी कि खेल में ऐसी हरकतों की कितनी गुंजाइश होनी चाहिए। खेल भावना हमेशा सर्वोपरि होनी चाहिए।
यह घटना दिखाती है कि भले ही खिलाड़ी बड़े मंच पर खेल रहे हों, लेकिन उन्हें नियमों और खेल भावना का पालन करना ही पड़ता है।






