Sliderदेश-विदेश

तालिबान का बैन, पर अफ़गानिस्तान में कैसे पहुँच रहा है स्टारलिंक…

Taliban ban, but how is Starlink reaching Afghanistan...

Breaking Today, Digital Desk : अफ़गानिस्तान में आज भी बहुत से लोग तेज़ इंटरनेट के लिए तरसते हैं। ऐसे में, स्टारलिंक, जो कि सैटेलाइट के ज़रिए इंटरनेट देता है, वहाँ तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। हालाँकि, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि तालिबान ने इस पर रोक लगा रखी है। फिर भी, यह अफ़गानिस्तान के काले बाज़ार में धड़ल्ले से बिक रहा है और लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं।

यह सब हो कैसे रहा है, यह एक दिलचस्प सवाल है। तालिबान सरकार ने स्टारलिंक को देश में इस्तेमाल करने से मना किया हुआ है, लेकिन फिर भी काबुल और दूसरे बड़े शहरों में लोग इसे चुपचाप खरीद और इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी वजह साफ़ है – अफ़गानिस्तान में भरोसेमंद और तेज़ इंटरनेट की भारी कमी है। सरकारी पाबंदियों और पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण आम लोगों के लिए इंटरनेट तक पहुँच पाना मुश्किल है। ऐसे में, स्टारलिंक एक वरदान की तरह आया है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें काम या पढ़ाई के लिए लगातार इंटरनेट की ज़रूरत होती है।

ब्लैक मार्केट में स्टारलिंक के उपकरण और उसकी सेवाएँ, दोनों ही मिल रही हैं। लोग ज़्यादा पैसे देकर इसे खरीदने को तैयार हैं क्योंकि उन्हें पता है कि यह उनके लिए कितना ज़रूरी है। विक्रेताओं ने भी अपना एक पूरा नेटवर्क बना लिया है, जिससे वे पड़ोस के देशों से स्टारलिंक के उपकरण अफ़गानिस्तान तक पहुँचा रहे हैं। यह सब एक बड़े खतरे के बावजूद हो रहा है, क्योंकि अगर तालिबान को पता चला, तो सज़ा मिल सकती है।

यह स्थिति दिखाती है कि ज़रूरत पड़ने पर लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं। अफ़गानिस्तान में इंटरनेट सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि सूचना, शिक्षा और रोज़गार का एक अहम ज़रिया भी है। जब सरकारें ऐसी ज़रूरतों को पूरा नहीं कर पातीं, तो काले बाज़ार फलने-फूलने लगते हैं। स्टारलिंक का यह बढ़ता चलन अफ़गानिस्तान के इंटरनेट परिदृश्य में एक नई और जटिल तस्वीर पेश कर रहा है। देखना होगा कि आने वाले समय में यह स्थिति क्या मोड़ लेती है।

Related Articles

Back to top button