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देव-दिवाली 2025, एक ऐसा रहस्य जो आपकी ज़िंदगी बदल देगा…

Dev-Diwali 2025, a secret that will change your life...

Breaking Today, Digital Desk : देव-दिवाली, जिसे हम ‘देवताओं की दिवाली’ भी कहते हैं, कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। यह दिन इतना ख़ास होता है कि माना जाता है इस दिन देवी-देवता पृथ्वी पर आकर गंगा स्नान करते हैं और दिवाली मनाते हैं। बनारस और अन्य पवित्र शहरों में इस दिन गंगा घाटों पर जो नज़ारा होता है, वो देखने लायक होता है। लाखों दीपक जगमगाते हैं, पूरा वातावरण दिव्य हो उठता है।

देव-दिवाली 2025 कब है?

साल 2025 में देव-दिवाली [तारीख यहाँ डालें, जैसे 14 नवंबर या 3 नवंबर – आपको यह जानकारी देखनी होगी] को मनाई जाएगी। यह कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही पड़ती है।

शुभ मुहूर्त क्या है?

देव-दिवाली पर पूजा का शुभ मुहूर्त [समय यहाँ डालें, जैसे शाम 05:00 बजे से 07:00 बजे तक – आपको यह जानकारी देखनी होगी] तक रहेगा। इस दौरान दीपदान और पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं कि इस समय की गई पूजा से देवताओं का सीधा आशीर्वाद मिलता है।

पूजा विधि: कैसे करें देव-दिवाली की तैयारी?

देव-दिवाली की पूजा करना बहुत मुश्किल नहीं है, बस कुछ बातों का ध्यान रखना होता है:

  1. सुबह गंगा स्नान: अगर संभव हो तो इस दिन सुबह किसी पवित्र नदी, ख़ासकर गंगा में स्नान करें। अगर ऐसा संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।

  2. साफ़-सफाई: घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ़ करें।

  3. दीपदान: शाम के समय पूजा स्थल, घर के आंगन, छत और मुख्य द्वार पर दीपक जलाएँ। सबसे महत्वपूर्ण है मंदिरों में और नदी के घाटों पर दीपदान करना।

  4. भगवान की पूजा: भगवान शिव, भगवान विष्णु और अन्य देवी-देवताओं की पूजा करें। उन्हें फूल, फल, मिठाई और धूप-दीप अर्पित करें।

  5. आरती और मंत्रोच्चार: पूजा के बाद आरती करें और अपनी श्रद्धा अनुसार मंत्रों का जाप करें।

  6. दान-पुण्य: इस दिन दान-पुण्य का भी ख़ास महत्व होता है। ज़रूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अन्य चीज़ें दान करना बहुत शुभ माना जाता है।

यह दिन हमें प्रकृति और देवताओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। तो इस देव-दिवाली पर आप भी इस पवित्र त्योहार का हिस्सा बनें और अपनी ज़िंदगी में सुख-समृद्धि लाएँ।

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