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इंग्लैंड दौरे पर जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन, उम्मीदों और हकीकत के बीच एक विश्लेषण…

Jasprit Bumrah's performance on the England tour, an analysis between expectations and reality

Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में समाप्त हुए इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के प्रदर्शन को लेकर क्रिकेट जगत में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने बुमराह को 10 में से 6 अंक देते हुए कहा कि वह अपनी क्षमता और अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए। यह दौरा भारत के लिए मिला-जुला रहा, जहां टीम ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबर की।

इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “बुमराह को दस में से छह अंक मिलेंगे। क्यों? इसका कारण यह है कि जब आप एक सीनियर खिलाड़ी होते हैं, तो आप पर मैच जिताने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बुमराह ने सीरीज में तीन टेस्ट खेले, और भारत उनमें से एक में भी जीत हासिल नहीं कर सका। दिलचस्प बात यह है कि जिन दो टेस्ट मैचों (एजबेस्टन और ओवल) में भारत को जीत मिली, उनमें बुमराह वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण टीम का हिस्सा नहीं थे।

आंकड़ों पर नजर डालें तो बुमराह ने दौरे पर खेले गए तीन टेस्ट मैचों में 14 विकेट हासिल किए, जिसमें दो बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी शामिल है। वह सीरीज में भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज रहे। इसके बावजूद, आलोचकों का मानना है कि बुमराह महत्वपूर्ण क्षणों में टीम के लिए निर्णायक साबित नहीं हो सके।

पठान ने पहले टेस्ट का उदाहरण देते हुए कहा, “उन्होंने पहली पारी में पांच विकेट लिए, लेकिन दूसरी पारी में एक भी विकेट नहीं ले पाए, जब टीम 371 रनों के लक्ष्य का बचाव कर रही थी।” उनका मानना है कि उस नाजुक मौके पर टीम को अपने मुख्य मैच-विजेता से दबाव बनाने की उम्मीद थी, जो देखने को नहीं मिला। लीड्स टेस्ट में भी बुमराह कोई विकेट नहीं ले पाए, जहाँ इंग्लैंड ने एक बड़ा स्कोर बनाया था।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ब्रैड हैडिन ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत ने यह साबित कर दिया है कि वे बुमराह के बिना भी मैच जीत सकते हैं। वहीं, कुछ विशेषज्ञों ने बुमराह के गेंदबाजी स्पैल को लेकर भी सवाल उठाए। पठान ने लॉर्ड्स टेस्ट का जिक्र करते हुए कहा, “जो रूट को बुमराह 11 बार आउट कर चुके हैं, और उस टेस्ट में बुमराह ने पांच ओवर फेंके। सिर्फ एक और ओवर शायद फर्क पैदा कर सकता था।”

यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि बुमराह चोट से वापसी कर रहे थे और उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में 18 विकेट लेने के बाद इस सीरीज में प्रवेश किया था। सीरीज के बाद, बुमराह ने सोशल मीडिया पर इसे एक “अत्यधिक प्रतिस्पर्धी और रोमांचक टेस्ट सीरीज” बताते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।

अंततः, जसप्रीत बुमराह का इंग्लैंड दौरा आंकड़ों और अपेक्षाओं के बीच एक बहस छोड़ गया है। जहां उनके दो ‘पाइप-विकेट हॉल’ उनकी काबिलियत को दर्शाते हैं, वहीं महत्वपूर्ण मौकों पर मैच जिताऊ प्रदर्शन की कमी एक सवालिया निशान खड़ा करती है।

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