
Breaking Today, Digital Desk : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने GST से जुड़े कुछ अहम ऐलान किए हैं, जिन पर देशभर में खूब चर्चा हो रही है। खासकर तंबाकू उत्पादों और गुटखा पर GST बढ़ाने का फैसला, जिसने कांग्रेस को सरकार पर निशाना साधने का मौका दे दिया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, GST काउंसिल की बैठक में यह तय किया गया कि तंबाकू और गुटखा जैसे उत्पादों पर अब क्षमता के आधार पर GST लगेगा। यानी, इनकी जितनी उत्पादन क्षमता होगी, उसी हिसाब से इन पर टैक्स लगाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से टैक्स चोरी रुकेगी और इन उत्पादों से आने वाला राजस्व बढ़ेगा।
कांग्रेस का क्या कहना है?
कांग्रेस ने इस फैसले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनका आरोप है कि सरकार आम लोगों पर बोझ बढ़ा रही है और यह फैसला उद्योग जगत के लिए भी ठीक नहीं है। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया है कि ऐसे समय में जब महंगाई पहले से ही चरम पर है, क्या ऐसे उत्पादों पर GST बढ़ाना सही है? विपक्ष का कहना है कि यह फैसला कहीं न कहीं आम आदमी की जेब पर और बोझ डालेगा, खासकर उन लोगों के लिए जो इन उत्पादों का सेवन करते हैं।
आम जनता पर क्या होगा असर?
अब सवाल यह उठता है कि इस फैसले का आम जनता पर क्या असर होगा? सीधा असर यह होगा कि तंबाकू और गुटखा उत्पाद थोड़े और महंगे हो सकते हैं। हालांकि, सरकार का तर्क है कि इससे इन उत्पादों की खपत कम होगी और लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। लेकिन, आलोचकों का मानना है कि इससे अवैध व्यापार बढ़ सकता है और सरकार को उतना राजस्व नहीं मिलेगा, जितनी उम्मीद की जा रही है।
आगे क्या?
यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि सरकार का यह फैसला कितना सफल होता है और कांग्रेस का विरोध कितना प्रभावी। फिलहाल, GST से जुड़ा यह मुद्दा गरमाया हुआ है और इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। लोगों को इंतजार है कि इस फैसले के बाद बाजार में क्या बदलाव आते हैं और उनकी जेब पर इसका कितना असर पड़ता है।






