
Breaking Today, Digital Desk : गाजियाबाद में एक निर्माणाधीन इमारत का बेसमेंट ढह जाने से एक बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें कई लोगों के दबे होने की आशंका है। प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य को अवैध बताया जा रहा है। हादसे के बाद से ही आरोपी बिल्डर और उसके सहयोगी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुट गई हैं।
यह घटना उस समय हुई जब बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक जोरदार आवाज के साथ बेसमेंट की छत ढह गई और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंच गईं और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
अधिकारियों की लापरवाही और घटिया सामग्री का उपयोग
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अधिकारियों के अनुसार, इस इमारत का नक्शा पास नहीं कराया गया था और निर्माण पूरी तरह से अवैध था। आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। जीडीए ने पहले भी बिल्डर को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया था, लेकिन बिल्डर ने इसे नजरअंदाज करते हुए काम जारी रखा। इस मामले में जीडीए के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है, जिसकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
आरोपी बिल्डर की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपी बिल्डर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है, जिसमें गैर-इरादतन हत्या और जीवन को खतरे में डालने जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। पुलिस की टीमें आरोपी बिल्डर और उसके परिवार की तलाश में जुटी हैं, जो घटना के बाद से ही फरार हैं। प्रशासन ने पीड़ितों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है और घायलों का इलाज सरकारी अस्पताल में कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर दुख जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है।
इस तरह की घटनाएं अक्सर बिल्डरों के लालच, अधिकारियों की लापरवाही और कमजोर नियमों का नतीजा होती हैं, जिसमें निर्दोष मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। यह हादसा एक बार फिर अवैध निर्माण के खिलाफ एक ठोस और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करता है।




