
Breaking Today, Digital Desk : करुण नायर को भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर क्यों किया गया, ये सवाल अक्सर क्रिकेट प्रेमियों के मन में आता है। एक तिहरा शतक लगाने के बाद भी किसी खिलाड़ी को टीम में लगातार जगह न मिलना वाकई हैरान करने वाला है। अब इस पर पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कुछ अहम बातें बताई हैं।
अगरकर ने साफ किया कि करुण नायर एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उनके पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि नायर के तिहरे शतक के बाद टीम में उस समय कुछ खास खिलाड़ी अपनी जगह जमा चुके थे, खासकर मध्यक्रम में। उस वक्त टीम के पास रोहित शर्मा, विराट कोहली जैसे बड़े नाम थे, जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में किसी नए खिलाड़ी के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना थोड़ा मुश्किल हो गया था, खासकर जब टीम जीतने की लय में हो।
अगरकर ने यह भी बताया कि कई बार ऐसा होता है कि एक खिलाड़ी बहुत अच्छा प्रदर्शन करता है, लेकिन टीम की जरूरत और संतुलन को देखते हुए उसे मौका नहीं मिल पाता। उन्होंने उदाहरण दिया कि कई बार एक ही पोजिशन के लिए दो-तीन शानदार खिलाड़ी उपलब्ध होते हैं, और चयनकर्ताओं को किसी एक को चुनना पड़ता है। उस समय करुण नायर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था। उनका प्रदर्शन तो लाजवाब था, लेकिन टीम की जो ‘कॉम्बिनेशन’ बन रही थी, उसमें उन्हें फिट कर पाना मुश्किल था।
हालांकि, अगरकर ने ये भी कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए दरवाजे कभी पूरी तरह बंद नहीं होते। अगर कोई घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है और अपनी फॉर्म बरकरार रखता है, तो चयनकर्ता हमेशा उस पर नजर रखते हैं। करुण नायर अभी भी क्रिकेट खेल रहे हैं और अगर वे रनों का अंबार लगाते रहते हैं, तो भविष्य में उन्हें फिर से भारतीय टीम में मौका मिल सकता है।
यह समझना जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है। एक मौका मिलता है और अगर आप उसे भुना नहीं पाते या टीम की जरूरतें बदल जाती हैं, तो बाहर बैठना पड़ सकता है। करुण नायर का केस शायद इसी का एक उदाहरण है, जहां उनकी प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं था, लेकिन टीम की परिस्थितियों ने उनके लिए दरवाजे बंद कर दिए थे।






