
Breaking Today, Digital Desk : जमीयत प्रमुख ने हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को लेकर कुछ ऐसा कह दिया है, जिस पर काफी हंगामा मचा हुआ है. उनकी इस टिप्पणी ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, और तो और बीजेपी भी इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दे रही है. मामला इतना बढ़ गया है कि अब जमीयत प्रमुख ने सोनिया गांधी को एक चिट्ठी भी लिखी है.
देखने में आ रहा है कि इस पूरे मामले पर गरमागरम बहस छिड़ गई है. जहां एक तरफ जमीयत प्रमुख अपनी बात पर अड़े हैं, वहीं बीजेपी उनके बयानों को लेकर हमलावर है. राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर खूब चर्चा हो रही है और हर कोई अपनी-अपनी राय रख रहा है. यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है और इस पर और कितनी प्रतिक्रियाएं आती हैं.
इस चिट्ठी के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ करार देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से मुस्लिम वोटों के लिए ऐसी राजनीति करती आई है और यह चिट्ठी उसी का एक हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में नफरत का माहौल बनाने में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का भी हाथ है।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी बयान या चिट्ठी ने सियासी तूफान खड़ा किया हो। भारतीय राजनीति में ऐसे कई उदाहरण भरे पड़े हैं, जहां एक छोटा सा बयान भी बड़े विवाद का कारण बन गया। इससे यह भी पता चलता है कि हमारे देश में धर्म, राजनीति और समाज के बीच कितना गहरा संबंध है। यह घटना हमें यह सोचने पर भी मजबूर करती है कि क्या वाकई हमारे देश में नफरत और ध्रुवीकरण बढ़ रहा है और अगर हां, तो इसे रोकने के लिए क्या किया जा सकता है।






