
Breaking Today, Digital Desk : जब वेस्टइंडीज की टीम भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन मैदान पर उतरी, तो कई लोगों की नज़रें उनके हाथों पर पड़ीं। सभी खिलाड़ियों ने अपनी बांहों पर काली पट्टियाँ बाँध रखी थीं। यह देखकर हर कोई सोचने लगा कि आखिर इसकी वजह क्या है? क्या कोई खास मौका था या कोई दुखद घटना?
दरअसल, यह काली पट्टी वेस्टइंडीज क्रिकेट के एक महान खिलाड़ी और दिग्गज बल्लेबाज, ब्रूस पैयर्ड (Bruce Pairaudeau) को श्रद्धांजलि देने के लिए पहनी गई थी। ब्रूस पैयर्ड का हाल ही में 90 साल की उम्र में निधन हो गया था। वह वेस्टइंडीज क्रिकेट के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे।
ब्रूस पैयर्ड ने 1953 से 1957 के बीच वेस्टइंडीज के लिए 13 टेस्ट मैच खेले थे। उनका जन्म ब्रिटिश गुयाना में हुआ था। वह एक बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज थे और अपनी शानदार खेल शैली के लिए जाने जाते थे। भले ही उन्होंने बहुत ज्यादा टेस्ट मैच नहीं खेले, लेकिन क्रिकेट में उनका योगदान और उनकी विरासत हमेशा याद रखी जाएगी। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया था और उन्हें एक महान खिलाड़ी बताया था।
खिलाड़ियों द्वारा काली पट्टी पहनना सिर्फ एक नियम या रस्म नहीं, बल्कि अपने पूर्व खिलाड़ियों और दिग्गजों के प्रति सम्मान और प्यार दिखाने का एक तरीका है। यह बताता है कि खेल में सिर्फ जीत-हार नहीं होती, बल्कि उन लोगों को याद रखना भी ज़रूरी है जिन्होंने खेल को ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वेस्टइंडीज टीम ने भारत के खिलाफ इस बड़े मुकाबले में अपने दिग्गज खिलाड़ी को याद करके एक मिसाल कायम की है। यह खेल भावना और सम्मान का एक बेहतरीन उदाहरण था, जिसने शायद मैदान पर मौजूद हर दर्शक और टीवी पर देख रहे हर फैन का दिल छू लिया होगा।






