देर रात तक काम, बॉस की वाहवाही… पर क्या ये वाकई तारीफ़ के लायक…
Working late into the night, getting praise from the boss... but is it really worth the praise.

Breaking Today, Digital Desk : आजकल सोशल मीडिया पर एक तस्वीर और उसके साथ लिखा गया पोस्ट काफ़ी वायरल हो रहा है। इसमें एक बॉस ने अपने कर्मचारियों की ख़ूब तारीफ़ की, क्योंकि उन्होंने देर रात तक जागकर एक प्रोजेक्ट पूरा किया था। बॉस ने लिखा कि उन्हें अपने ‘रॉकस्टार’ टीम पर गर्व है, जिन्होंने समय सीमा से पहले काम ख़त्म करने के लिए इतनी मेहनत की।
देखने में तो यह एक अच्छी बात लगती है कि कोई बॉस अपने कर्मचारियों की मेहनत को पहचान रहा है। लेकिन, जैसे ही यह पोस्ट लोगों तक पहुंचा, बहस छिड़ गई। एक तरफ़ जहां कुछ लोग बॉस के जज़्बे की तारीफ़ कर रहे थे, वहीं ज़्यादातर लोगों ने बॉस पर सवालों की बौछार कर दी।
सबसे बड़ा सवाल जो बार-बार पूछा गया वो ये था: “क्या आपने उन्हें इस एक्स्ट्रा काम के लिए ज़्यादा पैसे दिए?” लोगों का कहना था कि सिर्फ़ ‘अच्छे शब्द’ या ‘तारीफ़’ काफ़ी नहीं होती। अगर कोई कर्मचारी देर रात तक अपनी पर्सनल लाइफ़ छोड़कर काम कर रहा है, तो उसे उसका उचित मेहनताना मिलना चाहिए। कई यूज़र्स ने तो ये भी कहा कि यह एक तरह से कर्मचारियों का शोषण है, जहां उनसे बिना अतिरिक्त भुगतान के ज़्यादा काम की उम्मीद की जा रही है।
कुछ लोगों ने ये भी इशारा किया कि एक अच्छा बॉस वो होता है जो अपने कर्मचारियों को इस तरह की स्थिति में आने ही न दे। यानी, काम की प्लानिंग ऐसी हो कि कर्मचारियों को देर रात तक जागने की ज़रूरत ही न पड़े। एक यूज़र ने मज़ाकिया लहजे में लिखा, “उम्मीद है आपने उन्हें सिर्फ़ ‘अच्छे शब्दों’ से ज़्यादा कुछ दिया होगा।”
इस पूरे वाकये से एक बात तो साफ़ है कि आज के ज़माने में लोग वर्क-लाइफ़ बैलेंस को लेकर काफ़ी जागरूक हो गए हैं। सिर्फ़ बॉस की वाहवाही से काम नहीं चलेगा, बल्कि कर्मचारियों को उनके काम का सही सम्मान और भुगतान मिलना चाहिए।






