
Breaking Today, Digital Desk : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत ने विराट कोहली के आक्रामक अंदाज का बचाव करते हुए कहा है कि जिसे लोग आक्रामकता कहते हैं, वह असल में उनका जुनून है. श्रीसंत का मानना है कि यही जुनून कोहली को वह खिलाड़ी बनाता है जो वह आज हैं, और इसके बिना वह पहले जैसे नहीं रहेंगे. कोहली की एकदिवसीय क्रिकेट में वापसी से पहले श्रीसंत की यह टिप्पणी आई है.
श्रीसंत, जो 2011 विश्व कप विजेता टीम में कोहली के साथी थे, ने एक यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा, “लोग जिसे आक्रामकता कहते हैं, मैं उसे जुनून कहता हूं. क्या विराट कोहली आक्रामक हैं? नहीं… मुझे लगता है कि वह जुनूनी हैं.” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर कोहली अपने इस आक्रामक अंदाज को कम कर देते हैं, तो वह एक खिलाड़ी के तौर पर वैसे नहीं रह जाएंगे.
कोहली, जो टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, अब अपना पूरा ध्यान एकदिवसीय प्रारूप पर केंद्रित कर रहे हैं. आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए वह लंदन में अभ्यास भी कर रहे हैं. उनकी वापसी को लेकर क्रिकेट जगत में काफी उत्साह है, क्योंकि भारत की निगाहें 2027 में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप पर टिकी हैं.
हालांकि, कोहली और रोहित शर्मा जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर भी चर्चा जारी है, क्योंकि 2027 विश्व कप तक दोनों की उम्र काफी बढ़ जाएगी. बीसीसीआई इस मामले में सावधानी बरत रहा है, लेकिन इन दोनों दिग्गजों का अनुभव टीम के लिए अनमोल है.
कोहली का आक्रामक अंदाज हमेशा से चर्चा का विषय रहा है. मैदान पर उनका ऊर्जावान और मुखर स्वभाव कुछ लोगों को पसंद आता है, तो कुछ इसकी आलोचना करते हैं. पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने भी कोहली की आक्रामकता का अनुभव किया है. रऊफ ने एक पुराने नेट सेशन को याद करते हुए बताया था कि कोहली अभ्यास के दौरान भी इतना आक्रामक रुख अपनाते थे कि ऐसा लगता था मानो वह कोई मैच खेल रहे हों.
बहरहाल, श्रीसंत जैसे पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि कोहली का यही अंदाज उनकी सफलता का राज है. उनका जुनून ही उन्हें बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है. अब देखना यह होगा कि एकदिवसीय क्रिकेट में अपनी नई पारी में कोहली का यह “जुनून” भारतीय टीम को कितनी सफलता दिलाता है.






