
Breaking Today, Digital Desk : भारतीय क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों एक सवाल गूंज रहा है – क्या विराट कोहली और रोहित शर्मा का शानदार वनडे करियर अपने अंतिम पड़ाव पर है? अटकलों का बाजार गर्म है कि अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज इन दोनों महान खिलाड़ियों के लिए आखिरी साबित हो सकती है।
टी20 और टेस्ट क्रिकेट को पहले ही अलविदा कह चुके इन दो दिग्गजों की नजरें अब केवल वनडे फॉर्मेट पर टिकी थीं। माना जा रहा था कि दोनों 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप में खेलकर अपने करियर का समापन करना चाहेंगे। हालांकि, अब कुछ ऐसी रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं जो इस संभावना पर सवाल खड़े करती हैं।
बीसीसीआई का भविष्य पर जोर और एक बड़ी शर्त
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और चयनकर्ता अब भविष्य की टीम तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य 2027 का विश्व कप है। इस योजना के केंद्र में युवा खिलाड़ियों को मौका देना है, क्योंकि विश्व कप तक कोहली और रोहित दोनों की उम्र 40 के करीब हो जाएगी।
खबरों की मानें तो बीसीसीआई ने इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों के सामने एक शर्त रखी है। अगर वे ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भी वनडे क्रिकेट खेलना जारी रखना चाहते हैं और 2027 विश्व कप की योजनाओं का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो उन्हें दिसंबर में होने वाले घरेलू विजय हजारे ट्रॉफी टूर्नामेंट में हिस्सा लेना होगा। चयनकर्ताओं का मानना है कि विश्व कप खेलने के इच्छुक खिलाड़ियों को वनडे प्रारूप से लगातार संपर्क में रहना चाहिए।
यह वही रणनीति है जो टेस्ट क्रिकेट में भी अपनाई गई थी, जहां खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए रणजी ट्रॉफी में खेलने का निर्देश दिया गया था। अब यही नियम वनडे के लिए भी लागू होता दिख रहा है। ऐसे में यह भी संभव है कि इस शर्त के चलते दोनों दिग्गज खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया दौरे को ही अपने विदाई दौरे के रूप में चुनें।
एक युग का संभावित अंत
विराट कोहली और रोहित शर्मा ने पिछले डेढ़ दशक में भारतीय क्रिकेट को अनगिनत यादगार पल दिए हैं। टी20 विश्व कप 2024 में भारत को चैंपियन बनाने के बाद दोनों ने एक साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले दोनों ने टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया।
फिलहाल, न तो खिलाड़ियों और न ही बीसीसीआई की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान आया है। बोर्ड सूत्रों का कहना है कि दोनों खिलाड़ियों के योगदान को देखते हुए उन पर कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा, लेकिन उनके भविष्य को लेकर स्पष्ट और पेशेवर बातचीत जरूर होगी।
अगर ऑस्ट्रेलिया सीरीज ही उनका आखिरी पड़ाव साबित होती है, तो यह न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट के लिए भी एक युग का अंत होगा। दुनिया भर के प्रशंसक यह देखने के लिए सांसें थामे इंतजार कर रहे हैं कि क्या वे अपने दो सबसे बड़े सितारों को आखिरी बार नीली जर्सी में खेलते हुए देखेंगे।





